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करवा चौथ 2019: व्रत रखने पर सुहागिनें जरूर करें ये पांच काम, ध्यान रखेंगी तो मिलेगा दोगुना फल
Thu, 17 Oct 2019 09:15 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 17 Oct 2019 09:15 AM IST
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करवा चौथ
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करवा चौथ के खास मौके पर हम आपको पांच ऐसे कामों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका पालन सुहागिनों ने किया तो उन्हें उनके व्रत का फल जरूर मिलेगा।
karwa chauth
सुहागन पहनें लाल कलर के कपड़े
इस दिन महिलाओं का यह व्रत उनके पति से जुडा हिआ होता है। इसी कारण महिलाओं को लाल रंग के कपडें पहनना चाहिए। आप चाहे तो इस दिन अपनी शादी का लहंगा या फिर और कोई लाल रंग का लहंगा या फिर साड़ी पहन सकती है। लाल रंग पहनने का कारण है कि इसे सुहाग की निशानी मानी जाती है। साथ ही यह प्रेम का प्रतीक माना जाता है।
इस दिन महिलाओं का यह व्रत उनके पति से जुडा हिआ होता है। इसी कारण महिलाओं को लाल रंग के कपडें पहनना चाहिए। आप चाहे तो इस दिन अपनी शादी का लहंगा या फिर और कोई लाल रंग का लहंगा या फिर साड़ी पहन सकती है। लाल रंग पहनने का कारण है कि इसे सुहाग की निशानी मानी जाती है। साथ ही यह प्रेम का प्रतीक माना जाता है।
karwa chauth
- फोटो : अमर उजाला
सास अपनी बहू के दे सरगी
करवा चौथ के व्रत पर सरगी का सबसे अधिक महत्व है। इसके बिना तो व्रत की शुरुआत नही होती है। यह सरगी सास अपनी बहू को देती है। जो व्रत शुरू होने से पहले दी जाती है। इस सरगी में कुछ मिठाइयां और कपड़े और श्रृंगार का सामान होता है। इस सरगी को बहू करवा चौथ के दिन सूर्योदय होने से पहले सुबह लगभग चार बजे के आस-पास खाती है। इसके साथ ही उनके व्रत शुरू हो जाता है। महिलाएं इस व्रत को पूरी श्रृद्धा के साथ रखती है और शाम को जब चांद निकलता है असके बाद ही अपना व्रत खोलती है।
करवा चौथ के व्रत पर सरगी का सबसे अधिक महत्व है। इसके बिना तो व्रत की शुरुआत नही होती है। यह सरगी सास अपनी बहू को देती है। जो व्रत शुरू होने से पहले दी जाती है। इस सरगी में कुछ मिठाइयां और कपड़े और श्रृंगार का सामान होता है। इस सरगी को बहू करवा चौथ के दिन सूर्योदय होने से पहले सुबह लगभग चार बजे के आस-पास खाती है। इसके साथ ही उनके व्रत शुरू हो जाता है। महिलाएं इस व्रत को पूरी श्रृद्धा के साथ रखती है और शाम को जब चांद निकलता है असके बाद ही अपना व्रत खोलती है।
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karwa chauth
- फोटो : PTI
मां भेजे अपनी बेटी को बाया
करवा चौथ में जिस तरह सरगी महत्वपूर्ण होती है उसी तरह बाया भी होता है। इस दिन मां अपनी बेटी को शाम को पूजा शुरू होने से पहले उसके घर या फिर उसे बाया देती है। इस बाया में कुछ मिठाईयां, गिफ्ट, ड्राई फुट्स आदि दिए जाते है।
करवा चौथ में जिस तरह सरगी महत्वपूर्ण होती है उसी तरह बाया भी होता है। इस दिन मां अपनी बेटी को शाम को पूजा शुरू होने से पहले उसके घर या फिर उसे बाया देती है। इस बाया में कुछ मिठाईयां, गिफ्ट, ड्राई फुट्स आदि दिए जाते है।
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करवा चौथ
एकाग्र होकर सुनें करवा चौथ की कथा
करवा चौथ के दिन जितना महत्व व्रत और पूजा करने का होता है। उतना ही महत्व करवा चौथ की कथा का भी है। इसलिए इस कथा को बडे ही एकाग्र होकर सुनना चाहिए। कभी-कभी हम देखते है कि कई महिलाएं ऐसी होती है कि वह एकचित्त होकर नही सुनती है। उनका मन और कही लगा होता है। जो शास्त्रों के अनुसार गलत माना जाता है। इसलिए सभी महिलाओं को एकाग्र होकर कथा सुननी चाहिए। जिससे आपको शुभ फल मिलेगा।
करवा चौथ के दिन जितना महत्व व्रत और पूजा करने का होता है। उतना ही महत्व करवा चौथ की कथा का भी है। इसलिए इस कथा को बडे ही एकाग्र होकर सुनना चाहिए। कभी-कभी हम देखते है कि कई महिलाएं ऐसी होती है कि वह एकचित्त होकर नही सुनती है। उनका मन और कही लगा होता है। जो शास्त्रों के अनुसार गलत माना जाता है। इसलिए सभी महिलाओं को एकाग्र होकर कथा सुननी चाहिए। जिससे आपको शुभ फल मिलेगा।