क्या आप जानते हैं कि जेविलन थ्रो में वर्ल्ड रिकार्ड बनाने वाले खिलाड़ी नीरज किसी समय में कबड्डी खिलाड़ी बनना चाहते हैं। जानिए, ऐसी ही 10 रोचक बातें।
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चंडीगढ़ का जेवलिन थ्रो प्लेयर नीरज चोपड़ा
- फोटो : अमर उजाला
मूल रूप से हरियाणा के पानीपत जिले के निवासी नीरज चंडीगढ़ में डीएवी कॉलेज के छात्र रहे हैं। नीरज पानीपत के खंडरा गांव के किसान सतीश कुमार के बेटे हैं। कबड्डी खिलाड़ी बनने के लिए उन्होंने बकायदा गांव में प्रेक्टिस भी शुरू कर दी थी।
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चंडीगढ़ का जेवलिन थ्रो प्लेयर नीरज चोपड़ा
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नीरज ने कबड्डी की प्रैक्टिस के साथ-साथ घर के पास ही एक जिम भी ज्वाइन कर दिया, लेकिन यह जल्द ही बंद हो गया। इसके बाद घरवालों ने नीरज को करीब 15 किलोमीटर दूर पानीपत के शिवाजी स्टेडियम भेजना शुरू किया। नीरज का दोस्त जैवलिन खिलाड़ी बिंझौल का जयवीर भी यहां प्रैक्टिस करने आता था।
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चंडीगढ़ का जेवलिन थ्रो प्लेयर नीरज चोपड़ा
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जयवीर ने एक दिन नीरज से कहा कि तेरी हाइट अच्छी है, क्यों न तू भी मेरे साथ जैवलिन की प्रैक्टिस शुरू करे? नीरज के करिअर में यही टर्निंग प्वाइंट था। जयवीर ने ही उन्हें खेल की बारिकियां सिखाईं। 2011 में नीरज पहली बार प्रतिस्पर्धा में उतरे तब से मुड़कर नहीं देखा।
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चंडीगढ़ का जेवलिन थ्रो प्लेयर नीरज चोपड़ा
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5 साल बाद पोलैंड में आयोजित अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में नीरज जूनियर वर्ग में वर्ल्ड चैंपियन बन गए हैं। उन्होंने 86.48 मी जैवलिन थ्रो कर रिकॉर्ड बनाया। नीरज किसी भी वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। यह सीनियर वर्ग का नेशनल रिकॉर्ड भी है।