19 साल की उम्र में ऐसी शानदार बल्लेबाजी की कि देश वर्ल्ड कप जीत गया। इसी हरफनमौला खिलाड़ी के बारे में अब मां ने बताया कि बेटा कैसे बना क्रिकेटर?
बेटा खेल-खेल में ही खिलाड़ी बन गया
मनजोत कालरा मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं। उन्होंने अंडर 19 वर्ल्ड कप के फाइनल में शतक लगाकर टीम को खिताब जिताया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड कप के पहले ही मैच में मनजोत कालरा ने 86 रन बनाए थे। इस पारी में उन्होंने 12 चौके और 1 छक्का लगाया था।
भाई के साथ रहते-रहते वह क्रिकेटर बन गया
बाएं हाथ के बल्लेबाज मनजोत कालरा टीम इंडिया के ओपनर हैं और दिल्ली की तरफ से अंडर 19 टीम में खेलते हैं। मनजोत की मां रंजीत कौर बेटे की इस उपलब्धि से बहुत खुश हैं। उनका कहना है कि बेटा खेल-खेल में ही खिलाड़ी बन गया।
मनजोत की मां कहती हैं कि मैं चाहती थी कि वह पढ़-लिख बड़ा मुकाम हासिल करे। वह पढ़ाई में काफी अच्छा था, इसलिए मैं ऐसा चाहती थी। मनजोत का बड़ा भाई हितेश कालरा भी क्रिकेट खेलता है और उसी के साथ रहते-रहते वह क्रिकेटर बन गया।
मनजोत की मां ने बताया कि वह भाई हितेश के साथ क्रिकेट खेलने जाया करता था। वह बॉलिंग भी करता था और फील्ड में बॉल भी पकड़ता था, लेकिन शर्त लगाता था कि भाई उसे बैटिंग करने देगा और इस तरह खेलते-खेलते वह क्रिकेटर बन गया।