फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जानिए पाकिस्तान में रह रहे भारतीय कैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं, आपबीती

Fri, 16 Jun 2017 09:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब) Updated Fri, 16 Jun 2017 09:09 AM IST
विज्ञापन
indian people life in pakistan
अमृतसर में वाघा बॉर्डर
पाकिस्तान में रह रहे भारतीयों की जिंदगी नरक से भी बदतर हैं। वहां से लौटे एक भारतीय की आपबीती पढ़िए, जान जाएंगे कि वहां इंडियंस की लाइफ कैसी है।
indian people life in pakistan
अमृतसर में वाघा बॉर्डर
लाहौर से लौटे दिल्ली के अब्दुल गफ्फार ने बताया कि पाकिस्तान जाने वाले भारतीय मुसाफिरों को सुबह-शाम थाने में हाजिरी देना लाजिमी कर दिया गया है। भारतीय नागरिकों को स्पष्ट आदेश दिए जा रहे हैं कि शहर छोड़ने से पहले उन्हें नजदीकी थाने में सूचना देनी होगी। ऐसा न करने पर भारतीय नागरिकों को पनाह देने वालों के खिलाफ पुलिस मामला दर्ज कर रही है।

 
indian people life in pakistan
मछुआरे आजाद
अब्दुल गफ्फार ने बताया कि यही वजह है कि पाकिस्तान जाने वाले भारतीय मुसाफिरों की परेशानी बढ़ गई है।  पाक में प्रत्येक भारतीय को जासूस की नजर से देखा जाता है। पाक पहुंचते ही वहां के खुफिया तंत्र से जुड़े लोग उनका पल-पल पीछा करते हैं। जासूसी की जाती है। चेकिंग के नाम पर परेशान किया जा रहा है। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही पाकिस्तान में प्रत्येक भारतीय नागरिक की निगरानी की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
indian people life in pakistan
पाक ने किया भारतीय मछुआरों को रिहा
अब्दुल गफ्फार बताते हैं कि इस मामले में इंडो-पाक ह्यूमन राइट एसोसिएशन के संरक्षक सुरिंदर कोछड़ का कहना है कि दोनों मुल्कों के बीच बनते-बिगड़ते रिश्तों का असर दोनों देशों के नागरिकों की आवाजाही और व्यापार पर भी पड़ता है। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से दोनों मुल्कों के बीच रिश्तों में तल्खी और बढ़ी है, व्यापार भी प्रभावित हुआ है।
विज्ञापन
indian people life in pakistan
रिट्रीट सेरेमनी के तेवर बदले
इंडो-पाक चेंबर ऑफ कामर्स के महासचिव राजेश सेतिया कहते हैं कि भारत-पाकिस्तान के बीच बिगड़ते रिश्तों का असर दोनों मुल्कों के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस पर पड़ रहा है। पिछले दो महीने में समझौता एक्सप्रेस में मुसाफिरों की कमी का आलम यह है कि गिनती कम होते-होते 34 तक पहुंच चुकी है। हालात यहां तक पहुंच चुके हैं कि दोनों मुल्कों के बीच महज पत्थर, सीमेंट और जड़ी-बूटी का ही व्यापार जारी है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed