पासपोर्ट को लेकर कई बड़े बदलाव किए गए, जिन्हें जानना हर किसी के लिए जरूरी है। जानिए ऐसे ही 10 नियम, जो इस साल बदले गए।
दरअसल, अगर आप पासपोर्ट री-इश्यू कराना चाहता है तो उसके लिए आधार कार्ड की आवश्यकता नही है। फार्म भरकर अपना पुराना पासपोर्ट, पासपोर्ट कार्यालय में जमा कराएं, तय समय में पासपोर्ट रीन्यू होकर घर पहुंच जाएगा। अगर पासपोर्ट में दर्ज नाम या पते में कोई बदलाव कराना है तो आधार कार्ड देना होगा।
कृष्णकुमार, रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर बताते हैं कि विदेश मंत्रालय ने साल 2017 की शुरुआत में नया पासपोर्ट बनाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया था। लेकिन लोगों को इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं है, कुछ लोग अभी भी इस आदेश से अनजान हैं। इसलिए एजेंट इसका फायदा उठा लेते हैं और नुकसान होता है।
अधिकारी के मुताबिक, पहले पासपोर्ट बनवाने के लिए जन्म प्रमाणपत्र देना जरूरी थी। एक जनवरी 1989 के पहले जन्मे लोगों को यह सर्टिफिकेट देना होता था, लेकिन अब इसकी जरूरत नहीं होगी। अब आधार कार्ड, पैन कार्ड, मान्यता प्राप्त शैक्षणिक बोर्ड से जारी की गई मार्कशीट, स्कूल की टीसी, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड और एलआईसी पॉलिसी बॉन्ड को भी जन्म प्रमाण पत्र के रूप में जमा किया जा सकता है।
अब पासपोर्ट बनवाने के लिए कुछ ही डोक्यूमेंट चाहिएं और ऑनलाइन आवेदन करना होगा। प्रोसेस शुरू होगा, 3 दिन में अप्वाइंटमेंट और 7 दिन में पासपोर्ट हाथ में होगा। तीन डॉक्यूमेंट्स में आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड और पैन कार्ड की कॉपी शामिल हैं। इसके अलावा फॉर्मैट एनेक्सचर-1 के साथ एक ऐफिडेविट (नागरिकता की घोषणा, फैमिली डिटेल्स और किसी क्रिमिनल बैकग्राउंड नहीं होना) है।