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ट्रेनर की फीस देने को नहीं थे पैसे...यूट्यूब से सीखा और एशियन गेम्स में रच दिया इतिहास, जीता गोल्ड

Mon, 27 Aug 2018 06:52 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 27 Aug 2018 06:52 PM IST
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Indian Javelin Thrower Neeraj Chopra Wins Gold Medal in Asian Games 2018
ज्वेलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा
जेवलिन खरीदने को पैसे नहीं थे, कहीं से ट्रेनिंग भी नहीं ले सकता था, लेकिन बहादुर बेटे ने हिम्मत नहीं हारी और यूट्यूब से सीखकर एशियन गेम्स 2018 में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।
Indian Javelin Thrower Neeraj Chopra Wins Gold Medal in Asian Games 2018
नीरज चोपड़ा - फोटो : Getty
हम बात कर रहे हैं हरियाणा में पानीपत के गांव खंदरा के रहने वाले जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा की, जिन्होंने इंडोनेशिया के जकार्ता-पालेमबांग में चल रहे 18वें एशियाई खेलों में सोमवार को गोल्ड मेडल जीता। नीरज ने सबसे ज्यादा 88.06 मीटर का थ्रो किया। नीरज एशियन गेम्स 2018 में भारतीय दल के ध्वजवाहक भी रहे। नीरज ने ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में हुए 21वें राष्ट्रमंडल खेलों के 10वें दिन भी भारत की झोली में एक स्वर्ण पदक डालकर इतिहास रचा था। अपने इसी शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए हाल ही में फ्रांस में भी सुनहरी सफलता हासिल की।
Indian Javelin Thrower Neeraj Chopra Wins Gold Medal in Asian Games 2018
नीरज चोपड़ा
नीरज ने 2016 विश्व जूनियर चैंपियनशिप में (86.48 मी) रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता था। दोहा डायमंड लीग में नीरज ने 87.43 मीटर के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन पदक से चूक गए थे और चौथे स्थान पर रहे थे। अब पदक जीतने पर नीरज के कोच उवे होन ने सोशल साइट पर बधाई दी। पूर्व रिकॉर्डधारी जेवलिन थ्रोअर उवे ने कहा कि नीरज तुमने बहुत अच्छा किया, इस लय को कायम रखो और नीरज ने यह कर दिखाया। इसके साथ ही देश को एथलेटिक्स में एक महान खिलाड़ी मिल गया है, वो भी जेवलिन थ्रो में।
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Indian Javelin Thrower Neeraj Chopra Wins Gold Medal in Asian Games 2018
neeraj chopra
नीरज चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज से दो साल पहले ही पासआउट हुए हैं। मौजूदा समय में वे आर्मी में सूबेदार के पद पर नौकरी कर रहे हैं। जेवलिन थ्रोअर बनने की तैयारियों करते हुए एक दौर ऐसा आया, जब नीरज के पास जेवलिन खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। अच्छी जेवलिन की कीमत डेढ़ लाख रुपये थी, पर नीरज ने हौसला नहीं खोया। पिता सतीश कुमार व चाचा भीम सिंह चोपड़ा से सात हजार रुपये लेकर सस्ता जेवलिन खरीदा और हर दिन आठ घंटे अभ्यास किया।
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Indian Javelin Thrower Neeraj Chopra Wins Gold Medal in Asian Games 2018
जेवलिन थ्रो प्लेयर नीरज चोपड़ा - फोटो : अमर उजाला
इसी अभ्यास के बूते नीरज ने अंडर-16, 18 और 20 की मीट जीती व नेशनल रिकॉर्ड बना डाला। इसके बाद इंडिया कैंप में नीरज का चयन हुआ। फिर एक से डेढ़ लाख रुपये तक की जेवलिन से अभ्यास करने का मौका मिला और पोलैंड में अंडर-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में नीरज ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रच दिया। नीरज ने जेवलिन थ्रो सीखने के लिए कहीं से ट्रेनिंग नहीं ली हैं, बल्कि उन्होंने यूट्यूब पर वीडियो देखकर इस खेल में अपना आप को बेहतर बनाया है।
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