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सुनिए...हरमनप्रीत कौर की जुबानी, टीम इंडिया की 'रन मशीन' बनने की दिलचस्प कहानी

Mon, 27 May 2019 11:29 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 27 May 2019 11:29 AM IST
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Indian Cricketer Harmanpreet Kaur Interview on Struggle and Success
हरमनप्रीत कौर - फोटो : अमर उजाला
हरमनप्रीत कौर क्रिकेट के मैदान की 'रन मशीन' कैसे और क्यों बन गई, जानेंगे तो सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। सुनिए, उनकी जुबानी कड़े संघर्ष के बाद सफल होने की कहानी।
Indian Cricketer Harmanpreet Kaur Interview on Struggle and Success
हरमनप्रीत कौर - फोटो : अमर उजाला
हरमन रविवार को सेक्टर- 30 स्थित माखन शाह लुबाना भवन में ‘हुनर दी खोज’ के ग्रैंड फिनाले में मुख्य मेहमान के रूप में पहुंची थीं। यहां पर उन्होंने बच्चों के साथ अपने जीवन, कड़े संघर्ष और सफलता के दौर की कई यादें साझा की। हरमन ने कहा कि लड़कियां खुद को लड़कों से कमजोर न समझें। अपना लक्ष्य चुनो और कड़ी मेहनत के बलबूते पर उसे हासिल करो। जब तक लड़कियां खुद को महत्व नहीं देंगी, समाज और दुनिया भी नहीं देगा।
Indian Cricketer Harmanpreet Kaur Interview on Struggle and Success
हरमनप्रीत कौर - फोटो : अमर उजाला
हरमनप्रीत ने बताया कि उनके पिता हरमिंदर सिंह भुल्लर वालीबॉल और बास्केटबॉल के खिलाड़ी हैं, लेकिन वो क्रिकेट भी खेला करते थे। उन्हें खेलते देखकर उन्होंने भी क्रिकेट खेलना शुरू किया। इसके बाद वो अपने छोटे भाई गुरजिंदर भुल्ला और उनके दोस्तों के साथ क्रिकेट खेला करते थीं, लेकिन एक अच्छा क्रिकेटर बनने के लिए ट्रेनिंग व कोच की जरूरत थी। इसके लिए उन्होंने न्यू ज्ञान ज्योति अकादमी में दाखिला लिया।
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Indian Cricketer Harmanpreet Kaur Interview on Struggle and Success
हरमनप्रीत कौर - फोटो : फाइल फोटो
हरमन ने बताया कि अकादमी घर से 30 किलोमीटर दूर थी। रोज 30 किलोमीटर दूर हरमनप्रीत को भेजना उनके पिता के लिए आसान नहीं था। इस बीच अकादमी के कोच कमलदीश सिंह सोढ़ी की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने हरमनप्रीत की निशुल्क कोचिंग और ठहरने की व्यवस्था की। इसके लिए वह आज भी उनकी शुक्रगुजार हैं और हमेशा रहेंगी। हरमन कहती हैं कि न सिर्फ उन्होंने, बल्कि परिवार के सदस्यों ने भी उनके साथ कड़ा संघर्ष किया, लेकिन फल मीठा मिला।

 
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Indian Cricketer Harmanpreet Kaur Interview on Struggle and Success
हरमनप्रीत कौर - फोटो : फाइल फोटो
हरमनप्रीत कौर ने बताया कि उन्होंने 20 साल की उम्र में जून 2009 में 20-20 अंतरराष्ट्रीय में डेब्यू किया था। इसके बाद वर्ष 2012 में उन्होंने महिला टी-20 एशिया कप के फाइनल मैच में भारतीय क्रिकेट महिला टीम की कप्तानी भी की थी। उनकी कप्तानी में ही भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशिया कप का खिताब जीता था। इसके बाद वर्ष 2013 में इन्हें बंग्लादेश टूर के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम का कप्तान नियुक्त किया गया था।

 
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