अब दुनिया का कोई भी देश, भारत की तीनों सेनाओं से टक्कर लेने की हिम्मत नहीं कर पाएगा। टकराने से पहले सौ बार सोचेगा, फिर भी टकराएगा तो अंजाम भुगतेगा।
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भारतीय सेना
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दरअसल, रूस की मदद से अब भारतीय सेना और ताकतवर बनेगी। भारत और रूस के बीच जहां पहले ही सैन्य व राजनयिक संबंध अच्छे हैं, वहीं अब पहली बार दोनों देशों की सेनाएं ट्राई-सर्विस एक्सरसाइज कर रही हैं। दोनों देशों की इस वार गेम एक्सरसाइज में भारतीय सेनाओं के तीनों अंगों आर्मी, एयरफोर्स और नेवी को अपग्रेडेशन व अपनी रक्षा क्षमता निखारने में काफी मदद मिलेगी।
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इसके अलावा रूस की मदद से संयुक्त सैन्य निर्माण, सह उत्पादन, सैन्य हार्डवेयर, उपकरणों के विकसित करने की दिशा में भी भारतीय सेना को काफी बढ़ावा मिलेगा। उल्लेखनीय है कि भारत पहले से ही अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए काम कर रहा है और सैन्य आधुनिकीकरण के लिए अरबों डॉलर मूल्य का खरीद प्रस्ताव तैयार कर चुका है। ये खरीद रूस से भी की जानी है।
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indian army
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रूस भारतीय सेना के तकनीकी विशेषज्ञों को भी और ट्रेंड करेगा। इंडियन एयरफोर्स के विशेषज्ञ एयरो इंजन की ट्रेनिंग लेने के लिए रूस रवाना हो गए हैं। वहां ये विशेषज्ञ इंडियन एयरफोर्स के बेड़े में मौजूदा एमआई परिवार के नवीनतम हेलीकॉप्टर एमआई-17वी5 के इंजन ओवरहॉलिंग व अन्य नवीनतम रिपेयरिंग टेक्नोलॉजी का प्रशिक्षण लेंगे।
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मालूम हो कि इंडियन एयरफोर्स के बेड़े में एमआई परिवार के जितने भी हेलीकॉप्टर हैं, वे सभी रशियन बेस्ड हैं। समय-समय पर इन सभी एयरक्राफ्ट में कुछ न कुछ अपग्रेडेशन और मोडिफिकेशन चलती रही है। इसी के चलते इंडियन एयरफोर्स के विशेषज्ञों की टीम को एयरो इंजन की एडवांस ट्रेनिंग के लिए रूस भेजा गया है।