राय सिंह देश पर शहीद हो गए। उनका जीवन देश के नाम ही लिखा था। उनकी शहादत पर सेना ने राय सिंह के बारे में कुछ ऐसा कहा, परिजन भावुक हो उठे।
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रोहतक के सांपला में शहीद राय सिंह का संस्कार
शहीद राय सिंह की किस्मत में ही था कि वह देश की रक्षा करते हुए शहीद होंगे। कुछ समय पहले ही उन्होंने अपनी रिटायरमेंट की तैयारी कर ली थी। इस संबंध में उन्होंने उच्च अधिकारियों को अवगत भी करा दिया था, लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक के बाद लगातार हो रही सीमा पार की बमबारी के कारण वह एप्लीकेशन नहीं दे सके। आखिरकार देश के लिए शहीद हो गये।
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राजौरी में शहीद हुए हरियाणा के हेड कांस्टेबल राय सिंह
करीब दो महीने पहले राय सिंह ने रिटायरमेंट लेने की बात अपने उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई थी। एसआई गुरनाम सिंह ने बताया कि राय सिंह ने कहा था कि वह वीआरएस लेना चाहते हैं, ताकि बच्चों के साथ रह सकें। उनका कहना था कि रिटायरमेंट के बाद गांव जाकर खेती बाड़ी करेंगे। राय सिंह एप्लीकेशन देने वाले थे, लेकिन दुश्मनों ने सीमा पर गतिविधियां तेज कर दी। हालांकि, राय सिंह ने इसका जिक्र अभी तक परिवार में नहीं किया था।
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Fureral of Martyr Rai Singh
- फोटो : अमर उजाला
नोटबंदी के कारण भले ही आमजन को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हो, लेकिन इससे आतंकवादियों की कमर टूट चुकी है। विशेष कर बीएसएफ और सेना को तो इसका फायदा मिल रहा है। बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि 500 और 1000 के नोट बंद होने से अब उनकी गाड़ियों पर पथराव की घटना न के बराबर हो रही है।
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Fureral of Martyr Rai Singh
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि आतंकवादी राह भटके युवाओं को 500 और 1000 का नोट देकर जवानों की गाड़ियों पर पथराव करवाते थे। लेकिन नोटबंदी के बाद आतंकवादियों के पास मौजूद काला पैसा रद्दी हो गया है। इस कारण सेना को थोड़ी राहत मिली है। बीएसएफ अधिकारियों की मानें तो सीमा पर लगातार हो रही बमबारी में जितना हाथ पाकिस्तानी सेना का है, उतना ही रोल सीमा पार के आतंकवादी निभा रहे हैं।