मां ने सेल्यूट करके तिरंगे में लिपटे फौजी बेटे को अंतिम विदाई दी। उसके बाद जब शवयात्रा चली तो माहौल देखते ही बना, देखिए तस्वीरें।
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सेना में जवान कमल का अंतिम संस्कार
अरुणाचल प्रदेश में ग्रेनेड फटने के कारण दुनिया से रुखसत हुए सैनिक कमल की उनके गांव में भारत माता की जय और शहीद कमल देशवाल अमर रहें के उद्घोषों के बीच पूर्ण सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। बड़े भाई जितेंद्र ने मुखाग्नि दी। पुलिस बल ने मातमी धुन बजाई और सैनिक टुकड़ी ने हवा में गोलियां चलाकर व शस्त्र झुकाकर अपने साथी को अंतिम सलामी दी। हजारों लोगों ने अंतिम यात्रा में शामिल होकर अपने लाल को श्रद्धांजलि दी।
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सेना में जवान कमल का अंतिम संस्कार
खेड़ी जसौर निवासी कमल देशवाल राज राइफल-5 में था। फिलहाल कमल अरुणाचल प्रदेश में चीन बार्डर के निकट तैनात था। बुधवार सुबह कमल अपने दो साथियों के साथ टेंट में विश्राम कर रहा था कि स्पार्किंग की वजह से टेंट में आग लग गई और ग्रेनेड फट गए। इस हादसे में तीनों सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई। उधर, कमल की मौत की सूचना मिली तो मां अनीता बेहोश हो गई।
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सेना में जवान कमल का अंतिम संस्कार
शुक्रवार की सुबह दिल्ली से कमल का पार्थिव शरीर बहादुरगढ़ पहुंचा। तिरंगे में लिपटे अपने बेटे का शव देखकर मां अनिता फूट-फूट कर रोने लगी। कहने लगी, एक दिन पहले तो दोस्त विक्की से बात की थी। कह रहा था कि अगले कुछ दिनों में पहाड़ी से नीचे उतरेंगे। करीब 15 दिन बाद छुट्टी लेकर घर आउंगा। बकौल विक्की, उन्हें नहीं पता था कि बात होने के एक दिन बाद ही कमल उनके बीच नहीं रहेगा।
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सेना में जवान कमल का अंतिम संस्कार
डेढ़ साल पहले हुई पिता की मृत्यु
कमल देशवाल तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। कमल के बड़े भाई भी सेना में हैं। देश की सेवा करने के लिए अपने भाई के नक्शे कदम पर अढ़ाई वर्ष पहले ही वह सेना में भर्ती हुआ था। अपनी रेजिमेंट की तरफ से वह कबड्डी भी खेलता था। प्यार से लोग उन्हें भोलू बोलते थे। डेढ़ वर्ष पूर्व पिता सतबीर की हृदयाघात से मृत्यु हो गई थी।