दुश्मन अब अपनी खैर मनाएं, क्योंकि उनका खात्मा करने के लिए आ रही हैं 'लेडी सिंघम'। फिलहाल उनकी हाड़तोड़ ट्रेनिंग चल रही है, देखिए कैसे?
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) अब महिला जवानों को एडवांस कमांडो ट्रेनिंग देगा। इस प्रशिक्षण के लिए महिला जवानों का चयन उनकी क्षमता के आधार पर किया जाएगा। इस हार्ड कमांडो ट्रेनिंग के बाद इन महिला जवानों की संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में तैनाती होगी। प्रशिक्षण की ऐसी संकल्पना पहली बार लागू की जा रही है।
इस प्रशिक्षण से यह संदेश जाएगा कि देश की बेटियां सरहद पर हर तरह की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार हैं। करीब एक दशक पहले बीएसएफ ने महिला जवानों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की थी। आज बीएसएफ में लगभग तीन हजार महिला जवान हैं। यही नहीं 567 और महिला जवानों की नियुक्ति प्रक्रिया भी चल रही है।
इस तरह होगा ट्रेनिंग के लिए चयन
प्रशिक्षण के लिए उन महिला जवानों का चयन किया जाएगा, जिनकी परफारमेंस बेहतर है और जिनमें कमांडों बनने की क्षमता है। टॉप शार्पशूटर महिला जवानों का भी चयन किया जाएगा। इसके लिए हर साल बीएसएफ में होने वाले जवानों के फायरिंग कौशल परीक्षण को आधार बनाया जाएगा।
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सीमा सुरक्षा बल में भर्तियां
महिला जवानों की निखरी काबिलियत
बीएसएफ की महिला जवानों का कौशल हाल के दिनों में काफी निखरा है। कुछ समय पहले पंजाब स्थित बीओपी डीबीएन टाउन जी कंपनी 74 बटालियन के अंतर्गत बीएसएफ की दो महिला जवानों आरती कौर और रीना कौर ने एक पाक घुसपैठिए को गोलियों से मार गिराया था।