देश का एयर डिफेंस अब और भी मजबूत किया जाएगा। वेस्टर्न एयर कमांड की ताकत बढ़ाई जाएगी, इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।
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airforce day
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चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पर जल्द ही हैवी एयरक्राफ्ट की सक्रियता बढ़ेगी और यहां तैनात फाइटर स्क्वाड्रन को भी काफी मदद मिलेगी। उत्तर भारत में देश का एयर डिफेंस भी और मजबूत होगा। इससे वेस्टर्न एयर कमांड की ताकत भी बढे़गी। इसके लिए एयरफोर्स के चंडीगढ़ एयरबेस को न केवल खास तरीके से तैयार किया जाएगा, बल्कि एयरफोर्स के विमानों के लिए नेविगेशन सिस्टम, लैंडिंग एडस, हाइड्रेंट रिफ्यूलिंग समेत इससे जुड़ी अन्य जरूरी प्रणालियों को भी अपग्रेड किया जाएगा।
इतना ही नहीं रनवे की लंबाई भी 3400 फुट तक बढ़ाई जाएगी। प्रोजेक्ट के तहत सारा काम वर्ष 2019 मध्य तक पूरा होगा। उल्लेखनीय है कि वेस्टर्न एयर कमांड के अंतर्गत जम्मू एवं कश्मीर, हरियाणा, हिमाचल, चंडीगढ़, पंजाब, दिल्ली व यूपी का कुछ हिस्सा शामिल है। रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के बाद इस रनवे रिपेयर प्लान पर काम शुरू कर दिया गया है। तीन चरणों में रनवे समेत एयरफोर्स के विमानों से जुड़ी अन्य प्रणालियों को अपग्रेड कर दिया जाएगा।
रनवे अपग्रेडेशन के दौरान निर्माण कार्य को रात केसमय अंजाम दिया जाएगा, ताकि दिन में विमानों का आवागमन और एक्सरसाइज प्रभावित न हो। लेकिन यहां क्रिटिकल बिटुमन लेयर्स बिछाते हुए दो बार रनवे क्लोजर दिया जाएगा। इस क्लोजर के दौरान चंडीगढ़ एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों को कुछ समय के लिए उतर भारत के अन्य वैकल्पिक एयरबेस पर रिलोकेट कर दिया जाएगा।
चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन के इस अपग्रेडेशन के बाद यहां मास्टर सी-17, एनोटोनॉव-12, एनोटोनॉव-32, आईलाईशिन-76, एमआई-26 जैसे हैवी एयरक्राफ्ट आसानी से उतारे जा सकेंगे। इंडियन एयरफोर्स के इस पूरे प्रोजेक्ट का मकसद दुश्मन से निपटने के लिए उतर भारत में खुद को और मजबूत करना है।