छुट्टी पर घर आए दनौदा खुर्द गांव निवासी भारतीय वायु सेना के जवान चिराग नैन (22) की पंजाब के सुनाम में सड़क हादसे में मौत हो गई। बुधवार दोपहर बाद उनके पैतृक गांव दनौना खुर्द में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान सेना के जवानों ने उन्हें सलामी दी। चिराग नैन दो बहनों के इकलौते भाई थे। उन्हें 24 दिसंबर को छुट्टी के बाद यूनिट में लौटना था। चिराग नैन का परिवार फिलहाल नरवाना के रामनगर की गली नंबर दो में रहता है।
दो बहनों का इकलौता भाई था वायुसेना का जवान, यूं गई जान, परिवार पर टूटा गमों का पहाड़
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परिजनों के अनुसार चिराग एक दिसंबर को घर आया था। चार दिसंबर को भात में शरीक हुआ। इसके बाद मंगलवार को दोस्त की शादी में गया था। उन्होंने बताया कि चिराग नैन दो वर्ष पहले ही भारतीय वायुसेना में भर्ती हुए थे। इस समय वह राजस्थान के बाड़मेर में तैनात थे। चिराग एक दिसंबर को छुट्टी पर आए थे। मंगलवार दोपहर को वह अपने तीन दोस्तों के साथ पंजाब के पटियाला जिले में दोस्त की शादी में शरीक होने गया था। शादी में शामिल होने के बाद चारों दोस्त सुबह घर लौट रहे थे तभी उनकी गाड़ी की ट्रक से टक्कर हो गई।
चिराग के पिता हैं वायुसेना से सेवानिवृत्त
चिराग के पिता दनौदा खुर्द गांव निवासी केसाराम भारतीय वायुसेना में थे। वह दस वर्ष पहले सेवानिवृत्त हुए हैं। फिलहाल वह मौहल्लखेड़ा के स्कूल में कार्यरत हैं। उनकी दो बेटियां हैं। चिराग की दोनों बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है। बुधवार को जैसे ही परिजनों को चिराग की हादसे में मौत की खबर मिली उन पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। आनन-फानन में परिवार के सदस्य पंजाब के लिए रवाना हुए। सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी चिराग के घर जुटने लगे। चिराग की मां अनीता का रो-रोकर बुरा हाल है।
वायु सेना के जवानों ने दी श्रद्धांजलि
चिराग नैन के निधन पर भारतीय वायुसेना के चार दर्जन जवान भी नरवाना पहुंचे। जहां उन्होंने पुष्प चक्र से उन्हें श्रद्धांजलि दी। दाह संस्कार से पूर्व सलामी दी। वायुसेना के अधिकारियों ने कहा कि चिराग नैन के अचानक चले जाने से देश और वायुसेना को काफी क्षति हुई है।