फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

स्वतंत्रता दिवसः इस कुंए में फेंके गए थे सैकड़ों शव, याद आ जाएगा जलियांवाला बाग का नरसंहार

Wed, 15 Aug 2018 08:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब) Updated Wed, 15 Aug 2018 08:18 AM IST
विज्ञापन
Independence Day, Jallianwala Bagh Massacre Amritsar, 13 april 1919
इसी कुंए में फेंके गए थे सैकड़ों शव - फोटो : File Photo
72वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हम आपको दिखा रहे हैं, वो जगह जहां सैंकड़ों शव फेंके गए थे। ये मंजर था जलियांवाला बाग नरसंहार का, जिसने देश को हिलाकर रख दिया था।
Independence Day, Jallianwala Bagh Massacre Amritsar, 13 april 1919
Jallianwala Bagh, Amritsar
अंग्रेजों के खिलाफ विरोध का दौर चल रहा था कि बैसाखी के दिन 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में  क्रूर अंग्रेज सिपाहियों ने निहत्थे लोगों पर गोलियों बरसा कर 1000 से ज्यादा लोगों की हत्या कर दी थी। मरने वाले इन बेकसूर लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
Independence Day, Jallianwala Bagh Massacre Amritsar, 13 april 1919
Jallianwala Bagh, Amritsar
जलियांवाला बाग में रोलेट एक्ट, अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों व दो नेताओं सत्यपाल और सैफुद्दीन किचलू की गिरफ्तारी के विरोध में एक सभा रखी गई, जिसमें कुछ नेता भाषण देने वाले थे। शहर में कर्फ्यू लगा हुआ था, फिर भी इसमें सैंकड़ों लोग ऐसे भी थे, जो बैसाखी के मौके पर परिवार के साथ मेला देखने और शहर घूमने आए थे और सभा की खबर सुन कर वहां जा पहुंचे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Independence Day, Jallianwala Bagh Massacre Amritsar, 13 april 1919
Jallianwala Bagh, Amritsar
करीब 5,000 लोग जलियांवाला बाग में इकट्ठे थे। ब्रिटिश सरकार के कई अधिकारियों को यह 1857 के गदर की पुनरावृत्ति जैसी परिस्थिति लग रही थी जिसे न होने देने के लिए और कुचलने के लिए वो कुछ भी करने के लिए तैयार थे। जब नेता बाग में पड़ी रोड़ियों के ढेर पर खड़े हो कर भाषण दे रहे थे, तभी ब्रिगेडियर जनरल रेजीनॉल्ड डायर 90 ब्रिटिश सैनिकों को लेकर वहां पहुँच गया।
विज्ञापन
Independence Day, Jallianwala Bagh Massacre Amritsar, 13 april 1919
Jallianwala Bagh, Amritsar
ब्रिटिश सैनिकों के हाथों में भरी हुई राइफलें थीं। सैनिकों ने बाग को घेर कर बिना कोई चेतावनी दिए निहत्थे लोगों पर गोलियाँ चलानी शुरु कर दीं। 10 मिनट में कुल 1650 राउंड गोलियां चलाई गईं। जलियांवाला बाग उस समय मकानों के पीछे पड़ा एक खाली मैदान था। वहां तक जाने या बाहर निकलने के लिए केवल एक संकरा रास्ता था और चारों ओर मकान थे। भागने का कोई रास्ता नहीं था।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed