{"_id":"5a24df444f1c1ba12d8b650b","slug":"if-you-want-to-close-your-account-this-document-will-requirement","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"परेशान होकर बैंक खाता बंद करना चाहते हैं तो अब ये डॉक्यूमेंट हो गया जरूरी, जानिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परेशान होकर बैंक खाता बंद करना चाहते हैं तो अब ये डॉक्यूमेंट हो गया जरूरी, जानिए
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद(हरियाणा)
Updated Tue, 05 Dec 2017 07:25 PM IST
विज्ञापन
बैंक में लाइन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बार-बार बैंक कॉल्स या असुविधाओं से परेशान आकर अगर आप खाता बंद करने की सोच रहे हैं तो अब ये डॉक्यूमेंट जरूरी हो गया है। देखिए
दरअसल, पहले बैंक खाता खोलने के लिए आधार अनिवार्य था। लेकिन अब बैंक खाता बंद करने के लिए भी आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। लीड बैंक अधिकारी जीएस मल्होत्रा ने खाताधारकों से जल्द से जल्द अपना बैंक अकाउंट नंबर आधार से लिंक कराने का आह्वान किया है।
आगे पढ़ें- 31 दिसंबर तक आधार लिंक ना करवाया तो फ्रीज होगा खाता
आगे पढ़ें- 31 दिसंबर तक आधार लिंक ना करवाया तो फ्रीज होगा खाता
आधार कार्ड
31 दिसंबर तक आधार लिंक ना करवाया तो फ्रीज होगा खाता
रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस के अनुसार सभी बैंक उपभोक्ताओं 31 दिसंबर तक बैंक खाते के लिए आधार नंबर बैंक में जमा करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर 31 दिसंबर के बाद बैंक ऐसे खातों को फ्रीज कर सकता है।
रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस के अनुसार सभी बैंक उपभोक्ताओं 31 दिसंबर तक बैंक खाते के लिए आधार नंबर बैंक में जमा करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर 31 दिसंबर के बाद बैंक ऐसे खातों को फ्रीज कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
aadhar card
खाता फ्रीज होने के बाद पूरी आशंका है कि खातों को रिजर्व बैंक और आयकर विभाग की अनुमति के बिना दोबारा एक्टिव कराना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में सभी उपभोक्ताओं के लिए बेहतर यही होगा कि वे 31 दिसंबर से पहले अपना बैंक खाता आधार से लिंक करा लें।
विज्ञापन
बैंक अकाउंट
जनधन खातों पर विशेष नजर
आयकर और लीड बैंक के सूत्रों की मानें तो नोटबंदी के बाद से जनधन खातों पर विशेष नजर रखी जा रही है। दरअसल साल 2014 के बाद से जीरो बैलेंस पर फतेहाबाद जिले में हजारों लोगों के जनधन खाते खोले गए। लेकिन अगले एक साल तक इनमें से अधिकतर खातों में कोई लेन-देन ही नहीं हुआ।
आयकर और लीड बैंक के सूत्रों की मानें तो नोटबंदी के बाद से जनधन खातों पर विशेष नजर रखी जा रही है। दरअसल साल 2014 के बाद से जीरो बैलेंस पर फतेहाबाद जिले में हजारों लोगों के जनधन खाते खोले गए। लेकिन अगले एक साल तक इनमें से अधिकतर खातों में कोई लेन-देन ही नहीं हुआ।