मंगलवार को काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएसई) ने 10वीं और 12वीं के नतीजे घोषित कर दिए हैं। चंडीगढ़ के सभी स्कूलों का रिजल्ट 100 फीसदी रहा है।
चंडीगढ़ के चैतन्य गुप्ता ने देशभर में संयुक्त रूप से हासिल की तीसरी रैंक, ये हैं ट्राइसिटी के टॉपर्स
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गौरतलब है कि इस साल आईसीएसई 10वीं की परीक्षाएं 22 फरवरी से 25 मार्च तक और आईएससी 12वीं की परीक्षाएं 4 फरवरी से 25 मार्च तक आयोजित की गई थीं। पिछले साल सीआईएससीई ने 10वीं के पासिंग मार्क्स को 35 प्रतिशत से घटाकर 33 प्रतिशत और 12वीं के पासिंग मार्क्स 40 प्रतिशत से घटाकर 35 प्रतिशत कर दिए थे।
अच्छे रिजल्ट के लिए पूरे साल एकाग्रता से पढ़ाई जरूरी : चैतन्य
सेक्टर-26 स्थित स्ट्रॉबेरी फील्ड्स हाई स्कूल के चैतन्य गुप्ता आर्ट्स स्ट्रीम में 99.5 प्रतिशत अंकों के साथ ट्राइसिटी में प्रथम रहे हैं। चैतन्य के पिता पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के सीनियर वकील हैं, जबकि मां रितु गर्ग पंचकूला जिला अदालत में जज हैं। चैतन्य ने कहा कि अच्छे रिजल्ट के लिए पूरे साल एकाग्रता से पढ़ाई जरूरी है।
शांत होकर पढ़ाई करना चाहिए। प्रेशर में आकर पढ़ाई करने से कुछ याद नहीं होता। वह 12वीं के बाद लॉ करना चाहते हैं और नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी में दाखिले की तैयारी कर रहे हैं। चैतन्य ने अपनी इस सफलता का श्रेय माता-पिता और टीचर्स को दिया। उन्हें किताबें पढ़ना, ड्राइंग और वीडियो गेम्स खेलना पसंद है। चैतन्य ने बताया कि उन्हें माता-पिता और शशि थरूर से काफी प्रेरणा मिली है।
परीक्षा के दिनों में नकारात्मक विचारों को न करें हावी : ऋतब रिशित
सेंट जेवियर स्कूल में पढ़ने वाले ऋतब रिशित ने 12वीं कक्षा में कॉमर्स में 99 फीसदी अंक हासिल किए हैं। ऋतब रिशित के पिता बिनोद कुमार स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में चीफ मैनेजर हैं, जबकि मम्मी रीता हाउसवाइफ हैं। ऋतब का कहना है कि अगर अपने लक्ष्य को सामने रखकर या सोचकर कड़ी मेहनत की जाए, तो सफलता को आसानी से हासिल किया जा सकता है। उसने बताया कि परीक्षा की तैयारियों के दिनों में कई बार नेगेटिव विचार दिमाग में आते थे, लेकिन अच्छे अंक हासिल करने की चाह में मेहनत को जारी रखा। ऋतब अब दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी.कॉम करना चाहते हैं।
लगातार पढ़ाई करने के बजाय छोटे ब्रेक लेकर पढ़ें : अक्षित छाबड़ा
सेक्टर-26 स्थित स्ट्रॉबेरी फील्ड्स हाई स्कूल के अक्षित छाबड़ा ने मेडिकल स्ट्रीम में 96 प्रतिशत अंकों के साथ ट्राइसिटी टॉप किया है। अक्षित के पिता डॉ राजेश छाबड़ा पीजीआई के न्यूरोसर्जरी विभाग में हैं। वहीं मां डॉ. मोनिका बावा पीजीआई के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में एडिशनल प्रोफेसर हैं। अक्षित डॉक्टर बन कर लोगों की सेवा करना चाहते हैं।
उनका कहना है कि वे इस फील्ड में रिसर्च करना चाहते हैं। अक्षित पढ़ाई के साथ खेल में भी काफी रुचि रखते हैं। वे नेशनल लेवल के टेनिस प्लेयर भी हैं। उन्होंने कहा कि लगातार पढ़ाई करने के बजाय छोटे-छोटे ब्रेक लेकर पढ़ना चाहिए। साल भर पढ़ाई ही अच्छे नंबर लाने की कुंजी है। उन्होंने पैरेंट्स से अपील करते हुए कहा कि वे बच्चों पर कभी भी ज्यादा नंबर लाने के लिए दबाव न डालें।
छोटे टागरेट बनाकर करें पढ़ाई, मिलेगी सफलता : तरनदीप कौर
मोहाली स्थित यादविंद्रा पब्लिक स्कूल की तरनदीप कौर ने नॉन-मेडिकल स्ट्रीम में ट्राइसिटी टॉप किया है। तरनदीप कौर के पिता हरविंदर सिंह केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं। वहीं मां हरविंदर कौर पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड में कार्यरत हैं। तरनदीप ने कहा कि उन्हें अच्छे अंकों की उम्मीद थी लेकिन नॉन- मेडिकल स्ट्रीम में ट्राइसिटी टॉपर बनेंगी यह सोचा नहीं था।
नॉन मेडिकल में अच्छे नंबर लाने के लिए सबसे जरूरी है, रेगुलर पढ़ाई। रोज कुछ घंटे पढ़ने से साल के आखिर में स्टूडेंट दबाव महसूस नहीं करते। तरनदीप को फिल्में देखना और गाने सुनना काफी पसंद है। वह सिविल सर्विस में जाना चाहती हैं। तरनदीप ने यह अंक बिना किसी ट्यूशन के हासिल किए हैं। आखिर के दिनों में सिर्फ फिजिक्स की ट्यूशन ली थी।