जानलेवा बारिश, बेइमान मौसम...और मर रहा किसान
बेमौसम बारिश से खेतों में खड़ी फसल के बर्बाद होने का सिलसिला जारी है। इससे किसान तो तबाह हुआ ही है, लोगों को भी अनाज की चिंता सताने लगी है। तस्वीरों में देखिए तबाही का मंजर। रिपोर्टः प्रवीण पांडेय
जानलेवा बारिश, बेइमान मौसम...और मर रहा किसान
बेमौसम बारिश न केवल किसानों और लोगों के लिए, बल्कि सरकार के लिए यह बेमौसम बारिश परेशानी का सबब बन गई है। मार्च के महीने में तो बारिश ने कहर ढाया ही, अप्रैल में भी इससे निजात नहीं मिली है।
जानलेवा बारिश, बेइमान मौसम...और मर रहा किसान
कल शाम से हरियाणा में बारिश हो रही है। इसने किसानों की थोड़ी बहुत बची उम्मीद पर भी पानी फेर दिया। हालिया स्थिति देखें तो फतेहाबाद में रात हुई तेज बारिश से पक्की हुई खड़ी गेंहू और सरसों की फसल तबाह हो गई। मंडियों में पड़ा गेंहू भी नम पड़ गया है, जिसके चलते गेंहू की खरीद में देरी होगी। इससे किसानों की मुसीबतें और बढ़ेंगी।
जानलेवा बारिश, बेइमान मौसम...और मर रहा किसान
दूसरी ओर, राज्य में भाजपा सरकार के लिए संकट की इस घड़ी में जल्द से जल्द मुआवजा देने चुनौती है। हालांकि आमतौर पर मुआवजे में एक साल तक का समय लग जाता है, फिर भी इस बार सरकार ने वादा किया है कि 15 अप्रैल तक गिरदावरी का काम पूरा हो जाएगा और एक मई तक मुआवजा वितरित कर दिया जाएगा।
जानलेवा बारिश, बेइमान मौसम...और मर रहा किसान
फिलहाल नुकसान का आंकलन इसी से लगाया जा सकता है कि आमतौर पर हरियाणा में प्रति वर्ष करीब 100 करोड़ का नुकसान होता था। इस बार मुआवजे की यह राशि 400 से 500 करोड़ तक पहुंच सकती है।