25 अगस्त को दोषी करार दिए जाने के बाद राम रहीम के साथ हनीप्रीत भी रोहतक गई थी, जिस पर खूब बवाल हुआ। आखिर वह कैसे और क्यों गई, ये राज अब खुला है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हनीप्रीत से पिछले नौ दिनों के रिमांड के दौरान एक मोबाइल फोन और कुछ जरूरी कागजात बरामद हुए हैं। कागजात में पुलिस के हाथ गुरमीत राम रहीम की फेक मेडिकल रिपोर्ट लगी है। जिसके आधार पर 25 अगस्त को गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद हनीप्रीत हेलीकाप्टर में बैठकर पंचकूला से रोहतक तक गई थी। साथ जाने का कारण बताया गया था कि राम रहीम मेडिकली अनफिट है और उसे अटेंडेंट की जरूरत है, इसी का फर्जी मेडिकल लगाया गया।
गुरमीत राम रहीम का फर्जी मेडिकल बनाने वाले दो डॉक्टरों का नाम सामने आया है। ये दोनों डॉक्टर दिल्ली के एक निजी अस्पताल के हैं। इस मेडिकल प्लानिंग में डेरा के दो डॉक्टर भी शामिल हैं। कुल चार डॉक्टरों की टीम ने ये फर्जी मेडिकल डॉक्यूमेंट तैयार किया था। सूत्रों के मुताबिक, डेरा में 17 अगस्त को पंचकूला में हुए हिंसा की प्लानिंग की गई थी। इस बात की पुष्टि पंचकूला पुलिस भी कर चुकी है। इसके बैठक के बाद 18 अगस्त को डेरा प्रमुख का फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार किया गया था।
4 of 7
राम रहीम के साथ हनीप्रीत (फाइल फोटो)
सूत्रों के अनुसार, पंचकूला में आगजनी और हिंसा के संबंध में एसआईटी की जांच में जो सामने आया है, उसमें पंचकूला हिंसा से जुड़े कई राज लैपटॉप में दफन हैं। लैपटॉप 25 अगस्त के उपद्रव की योजना, नक्शे, मेंबरों की ड्यूटियां व इसके अलाव कई अहम जानकारियां सेव हैं। अगर ये मोबाइल फोन और लैपटॉप मिल जाते हैं तो पुलिस को बड़ी लीड मिल सकती है। लेकिन एक सवाल है कि क्या ये वही लैपटॉप है, जिसमें हिंसा से जुड़े सबूत हैं या फिर पुलिस को हनीप्रीत और विपासना गुमराह कर रही हैं।
रिमांड के दौरान हनीप्रीत ने गुरसर मोड़िया के एक घर से पुलिस को बैग बरामद कराया। इस बैग में दर्जनों प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रियां थी, जो हनीप्रीत के नाम है। इसके अलावा बड़ी संख्या में डेबिट और क्रेडिट कार्ड, हनीप्रीत की डिग्रियां व अन्य दस्तावेज मिले हैं। जिन्हें कब्जे में ले लिया गया। पुलिस के मुताबिक इस प्रॉपर्टी का अभी सही आकलन तो नहीं लग पाया, लेकिन इतना तय है कि रजिस्ट्रियों के हिसाब से जमीन करोड़ों रुपये की है।