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हेमंत आया सेहत बनाने का मौसम लाया, तो ये घरेलू नुस्खे अपनाएं और वजन भी कम करें
Mon, 18 Nov 2019 11:57 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 18 Nov 2019 11:57 AM IST
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सेहत बनानी हो या वजन कम करना है, हेमंत ऋतु से ज्यादा अच्छा और बेहतर समय कोई हो ही नहीं सकता, तो कुछ नुस्खे अपनाकर इस मौसम का फायदा उठाएं।
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धूप में गर्मी और रात में ठंडक। यह इशारा हेमंत ऋतु का होता है। हल्की गुलाबी ठंड को हेमंत ऋतु कहा जाता है। नवंबर व दिसंबर सुहाने एवं लुभावने मध्यम ठंडे मौसम के लिए जाने जाते हैं। कहा जाता है कि यदि किसी को सेहत बनानी हो या वजन कम करना हो तो इससे बढ़िया दूसरा कोई मौसम नहीं होता। दरअसल, इस मौसम में शरीर के अंदर एंजाइम की प्रोडक्शन बढ़िया होती है, जो खाने को पचाने में मददगार साबित होती है। आयुर्वेद में हेमंत ऋतु को सेहत बनाने की ऋतु भी कहते हैं। इसमें जैसा चाहे, वैसा शरीर बना सकते हैं। आज आयुर्वेद के जरिए जानेंगे कि इस बेहतरीन मौसम का आनंद कैसे उठाया जाए।
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हेमंत ऋतु के संकेत
वातावरण में धुंध, धुआं और धूल हो
रातें लंबी होती हैं। मछली व जलचर पक्षी छिप जाते हैं
नदियों के जल से भाप निकलती है
कुएं का जल गर्म हो जाता है
रातें लंबी होने के कारण सुबह के वक्त भूख लगती है
शरीर की बढ़ी हुई अग्नि भोजन पचाने में मदद करती है।
वातावरण में धुंध, धुआं और धूल हो
रातें लंबी होती हैं। मछली व जलचर पक्षी छिप जाते हैं
नदियों के जल से भाप निकलती है
कुएं का जल गर्म हो जाता है
रातें लंबी होने के कारण सुबह के वक्त भूख लगती है
शरीर की बढ़ी हुई अग्नि भोजन पचाने में मदद करती है।
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स्वस्थ लोग भोजन में इन्हें शामिल करें
इस मौसम में हरी सब्जियां खूब आती हैं। सरसों, सोया मेथी, पालक, बथुआ और हरा प्याज। रोज इनमें से किसी एक सब्जी का प्रयोग जरूर करें। आयुर्वेद के मुताबिक, इस मौसम में आप मीठे और तेल का सेवन कर सकते हैं। पाचन शक्ति अच्छी होने की वजह से खाना अच्छी तरह से पचता है। अपने भोजन में भारी खाना जैसे घी, मक्खन, दही, मलाई, रबड़ी, गुड़, गन्ने का रस, तिल, उड़द, खजूर, नया चावल, चीनी, मिश्री, मिठाई, शहर, मौसमी फल, बादाम, पिस्ता, गर्म दूध व अखरोट को शामिल कर सकते हैं लेकिन इस बात का ध्यान रखना होगा कि किसी भी चीज की अति न करें। एक्सरसाइज जरूर करें।
इस मौसम में हरी सब्जियां खूब आती हैं। सरसों, सोया मेथी, पालक, बथुआ और हरा प्याज। रोज इनमें से किसी एक सब्जी का प्रयोग जरूर करें। आयुर्वेद के मुताबिक, इस मौसम में आप मीठे और तेल का सेवन कर सकते हैं। पाचन शक्ति अच्छी होने की वजह से खाना अच्छी तरह से पचता है। अपने भोजन में भारी खाना जैसे घी, मक्खन, दही, मलाई, रबड़ी, गुड़, गन्ने का रस, तिल, उड़द, खजूर, नया चावल, चीनी, मिश्री, मिठाई, शहर, मौसमी फल, बादाम, पिस्ता, गर्म दूध व अखरोट को शामिल कर सकते हैं लेकिन इस बात का ध्यान रखना होगा कि किसी भी चीज की अति न करें। एक्सरसाइज जरूर करें।
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इस मौसम में बीमार होने के कारण
- ठंडे भोजन का सेवन करना
- कुछ गरम खाने के बाद तुरंत ठंडा खा लेना
- शरीर में लगने वाली ठंड हवा का बचाव न करना
- पौष्टिक भोजन का सेवन न करना
- वायरल इंफेक्शन का होना
- सर्दी से ग्रसित अन्य व्यक्तियों के संपर्क में आना
- धूल व आसपास की वस्तु से एलर्जी होना
- ठंडे भोजन का सेवन करना
- कुछ गरम खाने के बाद तुरंत ठंडा खा लेना
- शरीर में लगने वाली ठंड हवा का बचाव न करना
- पौष्टिक भोजन का सेवन न करना
- वायरल इंफेक्शन का होना
- सर्दी से ग्रसित अन्य व्यक्तियों के संपर्क में आना
- धूल व आसपास की वस्तु से एलर्जी होना