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रोज रिकॉर्ड तोड़ रही है गर्मी, देखिए लू से बचने के लिए क्या-क्या करें?

Mon, 05 Jun 2017 09:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 05 Jun 2017 09:21 AM IST
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Heat waves in Punjab, see what to do to avoid Lu?
Heat Wave
गर्मी और लू से इन दिनों लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को हो रही है। ऐसे में बचने के क्या उपाय है, हम आपको बताते हैं...
Heat waves in Punjab, see what to do to avoid Lu?
उमस भरी गर्मी ने किया बेचैन - फोटो : अमर उजाला
इस मौसम में किडनी और लिवर संबंधी बीमारी से पीड़ित मरीजों की परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है। तेज धूप की वजह से पसीना ज्यादा निकलता है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे गुर्दे की पथरी होने की आशंका भी बढ़ जाती है। अधिक तापमान और शरीर में पानी की कमी से अंगों के फेल होने का भी खतरा रहता है। आंखों में कंजेक्टिवाइटिस का भी डर रहता है।
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गर्मी से लोग बेहाल - फोटो : अमर उजाला
वेंकटेश्वर अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट की सीनियर कंसलटेंट डॉ. चारु गोयल सचदेवा ने बताया कि अधिक गर्मी से शरीर में तापमान को नियंत्रित करने वाले सिस्टम के फेल होने का खतरा रहता है। गर्मी से किडनी, लिवर और हृदय रोगियों की परेशानी बढ़ जाती है। शरीर में पानी की कमी होने से यूरिन कम मात्रा में निकलता है और यूरिन का रंग भी पीला होने लगता है। इसकी वजह से गुर्दे की पथरी होने का खतरा रहता है। हेपेटाइटिस के मरीजों के लिए भी इतनी गर्मी खतरनाक होती है।
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Heat waves in Punjab, see what to do to avoid Lu?
गर्मी के कारण मुंह छिपाकर चलती युवतियां।
दिल्ली नगर निगम स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत डॉ. अजय कुमार ने बताया कि यदि तुरंत इलाज न मिले, तो हीट स्ट्रोक यानी लू जानलेवा हो सकती है। हीट स्ट्रोक या लू लगना एक गंभीर स्थिति है। तेज धूप में अधिक देर तक सूर्य की रोशनी के संपर्क में रहने से शरीर का तापक्रम बढ़ जाता है। यदि शरीर का तापक्रम 40 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो जाए, तो यह जानलेवा भी हो सकता है, जिसमें शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों के प्रभावित होने का खतरा रहता है।
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झुलसा रही गर्म हवा - फोटो : अमर उजाला
दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जेएस भल्ला ने बताया कि उमस और तेज धूप की वजह से आंखों में कंजेक्टिवाइटिस का गंभीर खतरा रहता है। इस मौसम में आंखों को धूप और तेज रोशनी चुभती है। इसे फोटो फोबिया कहते हैं। कंजेक्टिवाइटिस पीड़ित मरीज को आंखों की सफाई करने के लिए पानी में साफ रूई डालकर उसे उबालने के बाद जब पानी गुनगुना हो जाए, तब उसमें थोड़ा बोरिक पाउडर घोलकर आंखों को साफ करना चाहिए। 
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