बेटे और बेटियों ने नमन करके सेल्यूट किया। शहीद पति का चेहरा देखकर पत्नी ने एक ऐसा फैसला लिया, सुनकर सभी भावुक हो गए और फिर अपने जीवनसाथी को अंतिम विदाई दी, देखिए तस्वीरें।
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सोमबीर कादियान का अंतिम संस्कार
कश्मीर के कुलगाम में रविवार को आंतकियों से लोहा लेते हुए भिवानी जिला के उपमंडल सिवानी के गांव मिठ्ठी का लाल शहीद हो गया। शहीद का पार्थिव शरीर मंगलवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा, सभी ने फूल बरसाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। जैसे ही शहीद की शवयात्रा रवाना हुई, लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। शहीद को उनके बेटे ने मुखाग्नि दी। वहीं दोनों बेटियों और पत्नी ने सेल्यूट करके शहीद जवान को अंतिम विदाई दी।
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सोमबीर कादियान का अंतिम संस्कार
वहीं शहीद पति का चेहरा पत्नी सुमन बोलीं कि वह अपनी दो बेटियों, इकलौते बेटे और भतीजे को सेना में भेजेगी, जो आतंकवादियों को चुन-चुन कर मारेंगे। पत्नी के मुताबिक, मुठभेड़ से करीब एक घंटे पहले ही उनकी अपने पति से फोन पर बात हुई थी और उन्होंने उनसे उनके कुशलक्षेम के बारे में भी पूछा था, लेकिन बाद में उनका ना कोई फोन आया ना वे आप आए। अब मैं अकेली रह गई हूं, सब कुछ कैसे संभालूंगी।
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सोमबीर कादियान का अंतिम संस्कार
शहीद के भाई संजीव के मुताबिक, शेरसिंह कादयान व राजेन्द्री देवी के घर 4 फरवरी 1982 को जन्मे सोमबीर कादयान ने गांव में ही 10वीं तक की पढाई पूरी की। इसके बाद वो 18 साल की उम्र में 8 जाट यूनिट में सिपाही के पद पर भर्ती हुए। फिलहाल वो दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिला के तुरीगाय इलाके में तैनात थे। सोमबीर कादयान दो लड़कियों और एक लड़के के पिता थे। उनकी बड़ी बेटी प्रिया 8वीं कक्षा में, स्नेहा 7वीं कक्षा में और बेटा रोहित 5वीं कक्षा में पढ़ता है।
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सोमबीर कादियान का अंतिम संस्कार
शहीद के भाई ने बताया कि 20 दिन की छुट्टी काटने के बाद वह 31 जनवरी को वह वापस सेना में लौटा था। उसे प्रमोशन के लिए वापस अपनी यूनिट में लौटना था, लेकिन इससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया। उनकी अपने भाई से रोजाना बात होती थी, लेकिन रविवार को ही नहीं हो पाई थी। शहीद अपने पीछे पत्नी सुमन के अलावा 14 वर्षीय प्रिया, 10 वर्षीय स्नेहा और आठ वर्षीय पुत्र रोहित के अलावा मां राजेंद्री देवी को छोड़कर गए है।