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एक IAS, 33 साल की नौकरी और 70 बार ट्रांसफर, अब बड़ी मुसीबत में फंसे

Thu, 22 Jun 2017 09:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर(हरियाणा) Updated Thu, 22 Jun 2017 09:09 AM IST
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आईएएस प्रदीप कासनी
देखिए देश में एक आईएएस अफसर ऐसा, जिसकी 33 साल की नौकरी में 70 बार ट्रांसफर हो चुकी है और वे अब एक बहुत बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं।
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IAS officer Pradeep Kasni - फोटो : File Photo
हम बात कर रहे हैं, हरियाणा के सीनियर आईएएस अफसर प्रदीप कासनी की। उनके खिलाफ खादी बोर्ड के पूर्व कर्मचारी नरेश कादियान ने बेरी थाने में प्रताड़ित करने की शिकायत दी है। वहीं, नरेश कादियान ने केंद्र सरकार से कासनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की परमिशन भी मांगी है।
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हरियाणा के सीनियर आईएएस अधिकारी - फोटो : file
पीड़ित ने शिकायत में कहा कि वह 1984 से लेकर 2014 तक खादी बोर्ड का कर्मचारी रहा है। इस दौरान उसे एक प्रमोशन भी मिला है। लेकिन उसने सस्पेंशन से परेशान होकर 2014 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। जिसके बाद अब वरिष्ठ आईएएस प्रदीप कासनी द्वारा उसकी नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए नोटिस भेजकर प्रताड़ित किया जा रहा है। जबकि उसकी नियुक्ति नियमों के अनुसार व खादी बोर्ड के द्वारा की गई थी।
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आईएएस प्रदीप कासनी
आरोप लगाया कि प्रदीप कासनी उसकी नौकरी के दौरान भी उसे प्रताड़ित करता था। नियमों के बावजूद उसका सस्पेंशन अलाउंस भी कासनी ने अपने कार्यकाल में नहीं बढ़ाया था। उसने इसकी शिकायत लोकायुक्त को भी कर रखी है। कादियान ने इसके अलावा सीएम विंडो पर उसके द्वारा की गई शिकायत को मिसहैंडलिंग करने की भी एक शिकायत आईएएस प्रदीप कासनी के खिलाफ दर्ज करवाई है।
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आईएएस प्रदीप कासनी
प्रदीप कासनी की गिनती हरियाणा के उन आईएएस अफसरों में होती है जिन्हें अपने सिद्धांतों के लिए मशहूर माना जाता है। 1997 बैच के आईएएस अफसर कसानी एक नहीं झुकने वाले नौकरशाह के रूप में चर्चित हैं। यही कारण है कि वर्तमान खट्टर सरकार के अलावा इससे पहले भूपिंदर सिंह हुड़्डा सरकार से भी उनकी नहीं पटी। प्रदेश की लगभग सभी सरकारों में प्रदीप कासनी को तबादले झेलने पड़े हैं।
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