फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जीएसटी छूट के बाद सस्ता नहीं महंगा पड़ेगा मकान खरीदना, ये गणित समझने के लिए क्लिक करें

Thu, 11 Apr 2019 12:59 PM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 11 Apr 2019 12:59 PM IST
विज्ञापन
GST on Real Estate not Beneficial for Sale Purchase of Flats
फ्लैट - फोटो : डेमो फोटो
जीएसटी छूट के बाद मकान खरीदना सस्ता नहीं, बल्कि महंगा ही पड़ेगा। हैरान हो गए न यह जानकर, मामला समझने के लिए यहां क्लिक करें। पता चला जाएगा कि यह फटका कैसे लगेगा।
GST on Real Estate not Beneficial for Sale Purchase of Flats
सांकेतिक तस्वीर
हरियाणा के विभिन्न जिलों में हाउसिंग बोर्ड के अफोर्डेबल हाउसिंग (किफायती) प्रोजेक्ट के तहत तैयार किए गए फ्लैट खरीदना अब आवंटियों (फ्लैट मालिकों) को महंगा पड़ेगा। सरकार की ओर से फ्लैट की खरीद पर वसूली जाने वाली जीएसटी एक अप्रैल से घटा दी गई है, लेकिन हाउसिंग बोर्ड अभी भी अपने आवंटियों से जीएसटी की पुरानी दर ही वसूल रहा है। आवंटियों द्वारा एतराज जताने पर हरियाणा हाउसिंग बोर्ड के अफसरों का कहना है कि अभी तक उनके पास इस बाबत अधिसूचना व कोई दिशा-निर्देश नहीं पहुंचे हैं। इसलिए पुरानी दर से ही जीएसटी लग रही है।
GST on Real Estate not Beneficial for Sale Purchase of Flats
सांकेतिक तस्वीर
हरियाणा में इस योजना के तहत हर जिले में हाउसिंग बोर्ड के हजारों अफोर्डेबल फ्लैट तैयार किए गए हैं। जिनकी खरीद ड्रा के बाद लोगों द्वारा दस साल की किस्तों में की गई है। हर महीने की दस तारीख तक आवंटियों को ये किस्त जमा करवानी है। लेकिन इन किस्तों की गणना में हरियाणा हाउसिंग बोर्ड अभी भी 12 प्रतिशत जीएसटी लगा रहा है। जबकि केंद्र सरकार द्वारा 25 फरवरी 2019 को घोषणा करके 1 अप्रैल 2019 से अर्फोडेबल हाउस (45 लाख तक के मकान) के लिए जीएसटी की दर घटाकर 1 प्रतिशत कर दी गई है। ऐसे में हाउसिंग बोर्ड के अर्फोडेबल घर खरीदने वालों को जबरदस्त फटका लग रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
GST on Real Estate not Beneficial for Sale Purchase of Flats
सांकेतिक चित्र
आवंटियों ने बताया कि वे एक अप्रैल से हाउसिंग बोर्ड हरियाणा के चक्कर काट रहे हैं। हमने केंद्र की घोषणा का हवाला देते हुए बताया कि किफायती घरों की खरीद पर जीएसटी दर एक प्रतिशत हो गई है। लेकिन कोई भी अफसर यह सुनने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि अभी तक उनके पास इस संबंध में न तो कोई नोटिफिकेशन पहुंची है और न ही कोई दिशा-निर्देश। इसलिए अफसर उन्हें पुरानी जीएसटी पर ही किस्त जमा करवाने को मजबूर कर रहे हैं। बहुत से आवंटियों ने तो पेनल्टी लगने के डर से उसी दर पर किस्तें जमा करवा भी दी हैं। उधर, हरियाणा हाउसिंग बोर्ड की सचिव ममता शर्मा कहती है विभाग संबंधित अधिसूचना का इंतजार कर रहा है। उसके बाद ही आगामी कार्रवाई हो पाएगी।
विज्ञापन
GST on Real Estate not Beneficial for Sale Purchase of Flats
सांकेतिक तस्वीर
आवंटियों ने अपने फ्लैट की जीएसटी समेत पूरी राशि एकमुश्त चुकाने के लिए बैंकों में ऋण (जीएसटी की तुलना में कम दर पर) के लिए आवेदन भी किया था। इसके लिए उन्होंने तीन महीने पहले यह प्रक्रिया शुरू की थी। उन्होंने 10 से 12 हजार रुपये प्रोसेसिंग चार्ज और सर्वेयर खर्च भी बैंक को अदा कर दिया है। अप्रैल माह के पहले हफ्ते तक बैंकों से लोन मिल जाना था। लेकिन जीएसटी रेट कम होने की वजह से आवंटी अब ऋण लेने से कतरा रहे हैं, क्योंकि बैंक लोन लेकर हाउसिंग बोर्ड को पुरानी जीएसटी रेट पर एकमुश्त अदायगी से आवंटियों को काफी नुकसान होगा। लिहाजा उनके बैंक ऋण भी अब लटक गए हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed