जीएसटी के नए स्लैब 15 नवंबर से लागू हो गए, लेकिन दुकानदारों की ये बात चीजें सस्ती होने की उम्मीद लगाए लोगों को झटका दे सकती है, जानिए क्यों।
दरअसल, जीएसटी काउंसिल द्वारा जारी की गई नई स्लैब के बाद भी बाजार में खाने पीने के अतिरिक्त कई प्रोडक्ट अब तक सस्ते नहीं हुए हैं। क्योंकि दुकानदारों का कहना है कि जो पहले के प्रोडक्ट हैं, उनको निकाला जाएगा, उसके बाद ही नए रेट्स आएंगे। मसलन, बच्चों की चाकलेट से लेकर च्वुइंगम और मेकअप का आइटम भी दुकानदारों के पास पुराना ही है। इसी वजह से अब तक रेट में कोई कमी नहीं आई है।
वहीं, वाशिंग पाउडर के रेट भी अब कम हो गए हैं और जूते की पालिश के साथ ही हेयर डाई की दर भी कम हो गई है। चंडीगढ़ के कई रेस्टोरेंट में 15 नवंबर से पांच फीसदी जीएसटी वसूला जाने लगा है। दाढ़ी बनाने से लेकर वाशिंग पाउडर तक के दाम कम हो जाने की उम्मीद है। गौरतलब है कि जीएसटी काउंसिल द्वारा 211 वस्तुओं पर टैक्स स्लैब के रेट घटाए गए थे। इसमें से 178 आइटम को 28 फीसदी से 18 फीसदी के टैक्स में लाया गया है।
13 आइटम पर जीएसटी 18 फीसदी से 12 फीसदी किया गया। रेस्टोरेंट पर बेशक टैक्स कम किया गया, पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ नहीं मिलेगा। सिटी के एसी, नॉन एसी रेस्टोरेंट्स के लिए जीएसटी रेट 5 फीसदी रहेगा। हालांकि जीएसटी के नए रेट्स के बाद सिटी के हाई फाई रेस्टोरेंट यानी जिसमें 7500 रुपये से ज्यादा रेंट लिया जाता है वहां 18 फीसदी टैक्स लगाया जाएगा।
कंपोजीशन स्कीम के तहत कारोबार करने वाले लोगों पर एक फीसदी का टैक्स सिर्फ टैक्सेबल आइटम पर लगेगा। हालांकि 1.5 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले कारोबारी नए फार्मूले से खुश हैं, उनका कहना है कि जीएसटीआर-1 तिमाही आधार पर रिटर्न फाइल करने से उनको थोड़ी राहत मिली है। हालांकि पेंट और सीमेंट 28 फीसदी के ब्रैकट में हैं।