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GST का एक फायदा यह भी, इन 4 राज्यों के कारोबारियों को राहत
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 22 Jun 2017 05:03 PM IST
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GST
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एक जुलाई से GST लागू होते ही देशवासियों की जिंदगी बदल जाएगी, कई चीजें बदलने वाली हैं। इस बीच एक अच्छी खबर कारोबारियों के लिए है।
GST BILL
दरअसल, जीएसटी काउंसिल ने कारोबारियों के लिए कंपोजिशन स्कीम के तहत कर के दायरे में आने की सीमा रेखा 50 लाख से बढ़ाकर 75 लाख रुपये कर दी है। काउंसिल के इस फैसले से हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के करीब साढ़े चार लाख से अधिक छोटे और मंझोले कारोबारी लाभान्वित होंगे। साथ ही इन कारोबारियों को हर महीने रिटर्न भरने की झंझट से भी छुटकारा मिलेगा।
जीएसटी
केंद्रीय शुल्क (ऑडिट) आयुक्त के क्षेत्रीय कार्यालय ने जीएसटी काउंसिल के इस फैसले से उक्त राज्य सरकारों को अवगत करा दिया है। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और चंडीगढ़ में करीब साढ़े चार लाख से अधिक छोटे और मध्यम कारोबारी ऐसे हैं, जिनका सालाना टर्नओवर 20 से 75 लाख है।
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gst
इन कारोबारियों में छोटे व मध्यम मैन्युफैक्चरर, सर्विस प्रोवाइडर और ट्रेडर्स शामिल हैं। उक्त राज्यों में ये कारोबारी अपने प्रदेश की सीमा में ही अपना छोटा-मोटा व्यवसाय चलाते हैं। ये कारोबारी अब जीएसटी की कंपोजिशन स्कीम के दायरे में होंगे। एडिशनल कमिश्नर राजन दत्त के अनुसार, जीएसटी से छोटे और मंझले कारोबारियों को बड़ा फायदा होगा। जीएसटी काउंसिल ने उनके लिए कंपोजिशन स्कीम में कर सीमा 75 लाख तक कर दी है। उम्मीद है कि काउंसिल इसे एक करोड़ भी कर सकती है।
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जीएसटी बिल
छोटे कारोबारियों को ये हाेंगे फायदे
- कंपोजिशन कर स्कीम में आने के बाद इन कारोबारियों को हर महीने रिटर्न भरने की जरूरत नहीं होगी।
- तीन महीने में अपने रिटर्न भरनी होगी और एनुअल रिटर्न अगले वित्त वर्ष के दिसंबर माह तक भरनी होगी।
- मैन्युफैक्चरर को अपनी टर्नओवर पर सिर्फ दो प्रतिशत (एक प्रतिशत सीजीएसटी और एक प्रतिशत एसजीएसटी) देना होगा।
- कंपोजिशन कर स्कीम में आने के बाद इन कारोबारियों को हर महीने रिटर्न भरने की जरूरत नहीं होगी।
- तीन महीने में अपने रिटर्न भरनी होगी और एनुअल रिटर्न अगले वित्त वर्ष के दिसंबर माह तक भरनी होगी।
- मैन्युफैक्चरर को अपनी टर्नओवर पर सिर्फ दो प्रतिशत (एक प्रतिशत सीजीएसटी और एक प्रतिशत एसजीएसटी) देना होगा।