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GST: किसानों की जेब पर भारी पड़ेगा, कई चीजें महंगी होंगी, जानिए क्या क्या
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 29 Jun 2017 09:13 AM IST
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एक जुलाई से लागू होने जा रहा जीएसटी किसानों की जेब पर भी भारी पड़ेगा। खेती बाड़ी से जुड़ी कई चीजें महंगी हो जाएंगी, जानिए क्या क्या और कितनी।
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गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) से किसानों की इनपुट कॉस्ट काफी बढ़ने की आशंका है। जबकि, फसलों का एमएसपी उस अनुपात में नहीं बढ़ा है। जानकारी के मुताबिक, अभी तक खाद पर कोई टैक्स नहीं है, इस पर 12 फीसदी जीएसटी लगा दिया गया। कीटनाशकों पर 12 प्रतिशत एक्साइज टैक्स था, इसे बढ़ाकर 18 प्रतिशत जीएसटी कर दिया गया है।
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खेतीबाड़ी उपकरणों को भी अब तक टैक्स से मुक्त रखा गया था, लेकिन अब केंद्र सरकार ने इन पर भी 12 फीसदी जीएसटी लगा दिया है। ट्रैक्टर पर पहले काफी एक्साइज टैक्स होता था, लेकिन यूपीए सरकार ने ट्रैक्टर को टैक्स मुक्त कर दिया था। अब एनडीए सरकार ने ट्रैक्टर पर भी 12 प्रतिशत जीएसटी लगा दिया है। ट्रैक्टर पार्ट्स पर तो 28 फीसदी जीएसटी होगा।
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दिलचस्प बात यह है कि ट्रैक्टर इंडस्ट्री खुद ही मांग कर रही थी कि ट्रैक्टर पर 12 फीसदी जीएसटी लगा दिया जाए। इससे कीमतों में बढ़ोतरी नहीं होगी। जुलाई में ही धान की फसल के लिए खाद और कीटनाशकों की जरूरत पड़ेगी। अब किसानों को इनकी ज्यादा कीमत चुकानी होगी। जबकि, उस अनुपात में फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाया गया है। इस बार धान का एमएसपी सिर्फ 80 रुपये ही बढ़ा है।
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केंद्र सरकार ने खाद पर मिलने वाली सब्सिडी आधार से जोड़ कर सीधे किसानों के बैंक खातों में देने का फैसला किया है। किसानों का कहना है कि सरकार सिर्फ एक बोरी यूरिया या डीएपी पर सब्सिडी दे रही है। जबकि, पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी के माहिर ढाई बोरी प्रति एकड़ की सिफारिश करते हैं। ऐसे में डेढ़ बोरी खाद किसानों को मार्केट रेट पर लेनी होगी, जो बहुत महंगी है।