लड़किया ध्यान दें, अगर माहवारी के दौरान ये सभी लक्षण नजर आएं तो बिल्कुल भी शर्म न करें, वरना जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। खबर पढ़ें और संभल जाएं।
पीजीआई चंडीगढ़ में एंडोक्राइनोलॉजी डिपार्टमेंट की डॉ. रमा वालिया से ओवरी और टेस्टिस से जुड़ी बीमारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान डॉ. वालिया ने कहा कि यदि आठ साल की उम्र से पहले किसी लड़की के पीरियड आ जाए तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। अनदेखी की तो हाइट छोटी रह जाएगी।
डॉ. रमा वालिया ने कहा कि अगर ऐसा होता है तो आमतौर पर बच्चों को पेरेंट्स 14 साल की उम्र के बाद लाते हैं, इस उम्र में कुछ नहीं कर सकते। जबकि थोड़ी उम्र में ही दवाइयों की मदद से इसे ठीक किया जा सकता है। इसी तरह से किसी युवती में पीरियड देरी से आ रहे हैं या कुछ और समस्या जैसे कि चेहरे पर बाल का आना। इन्हें भी दवाओं की माध्यम से ठीक किया जा सकता है।
डॉ. रमा वालिया ने बताया कि पीसीओडी(पालीसिस्टिक ओवरी डिजीज), पीसीओडी बीमारी खासतौर पर यंग लड़कियों में आती है। इसमें पीरियड अनियंत्रित हो जाते हैं। चेहरे पर बाल आते हैं। ये बीमारी मोटापे से जुड़ी होती है। ओवेरी में फीमेल हार्मोन के बजाए मेल हार्मोन बनने लगते हैं। इस बीमारी की अनेदखी भी समस्या का कारण बन सकती है।
5 of 7
periods
- फोटो : Daily Mail
कुछ महिलाओं का मानना होता है कि उनके पीरियड सही से नहीं आ रहे हैं, इसलिए उनका वजन बढ़ रहा है, जबकि होता है उल्टा। वजन होने के कारण उनके पीरियड नहीं आते। यदि इसे ठीक नहीं किया गया तो भविष्य में डायबिटीज होने की संभावना रहती है और मां बनना भी मुश्किल होता है। इसकी पहचान होते ही सीधे एंडोक्राइनोलाजी डिपार्टमेंट में पहुंचे और इलाज करवाएं।