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शौक बड़ी चीज : पुराने गीतों की चढ़ी ऐसी धुन, बना दिया अनोखा रिकॉर्ड, कैप्टन भी हैं इनके मुरीद

Sun, 07 Mar 2021 04:55 PM IST
निवेदिता वर्मा कविता बिश्नोई, अमर उजाला, चंडीगढ़
कविता बिश्नोई, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 07 Mar 2021 04:55 PM IST
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Former Bank Manager of Punjab collected old songs and speech
गुरमुख सिंह लाली ने पुराने गीतों को संग्रह किया है। - फोटो : फाइल फोटो
पंजाब के बरनाला के रहने वाले गुरमुख सिंह लाली दुर्लभ गीतों, रेडियो रिकॉर्डिंग और नेताओं के भाषण के संग्रहकर्ता हैं। मूल रूप से गांव नाईवाला के रहने वाले लाली बैंक मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने चंडीगढ़, बठिंडा और बरनाला में नौकरी के दौरान सेवाएं दी हैं। 65 साल के लाली आजकल दुर्लभ गीतों को लोगों की फरमाइश पर फेसबुक के जरिए सुना रहे हैं। गुरमुख लाली ने बताया कि उनके पिता कई साल गांव के सरपंच रहे थे। इस कारण उनके घर में 1960 के दशक में भी चार अखबार आते थे। घर में एक रेडियो था। उस दौरान वे अखबार में गानों और फिल्मों के विज्ञापन बहुत सुनते और देखते थे। अखबर से कटिंग काटकर रख लेते थे कि कब कौन सा गाना और फिल्म आएगी। उन्हें बचपन से ही गाने सुनने और फिल्में देखने का शौक था। इसके साथ ही वे गानों की कैसेट एकत्रित कर लेते थे। वर्तमान में लाली ने गांव नाईवाला में ही अपने पिताजी के नाम से जत्थेदार परगट सिंह पंजाबी संगीत लाइब्रेरी बनाई हुई है।

 
Former Bank Manager of Punjab collected old songs and speech
गुरमुख लाली - फोटो : फाइल फोटो
राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर हो चुके हैं सम्मानित
गुरमुख सिंह लाली का नाम इन रिकॉर्डिंग के संग्रह के लिए राज्य पुरस्कार, लिमका बुक ऑफ रिकार्ड और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की ओर से दिल्ली में उन्हें डॉ. महेंद्र सिंह रंधावा अवार्ड से सम्मानित किया गया था। लाली के पास आकाशवाणी की रिकॉर्डिंग का भी कलेक्शन है। सभी धर्मों के पुराने त्यौहारों के गीत उनके संग्रह में हैं। महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सुभाषचंद्र बोस इत्यादि के भाषण की रिकॉर्डिंग और रबिन्द्रनाथ टैगोर के बंगाली भाषा में गीत के रिकॉर्ड भी लाली के पास हैं। 
 
Former Bank Manager of Punjab collected old songs and speech
गुरमुख लाली को मिल चुके हैं कई सम्मान। - फोटो : फाइल फोटो
पटियाला महाराजा के राजगायक की रिकॉर्डिंग सुनने रुके थे मुख्यमंत्री कैप्टन 
एक बार बरनाला में दौरे के दौरान मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सात मिनट लाली के घर रुके थे। कैप्टन ने उनसे पूछा था कि लाली तेरे पास राजगायक भाई सैला की रिकॉर्डिंग है। इसके बाद कैप्टन भाई सैला की आवाज सुनकर गए। लाली के पास 90 साल पहले की गायक भाई अनायत की भी रिकॉर्डिंग हैं। उनके गीत के बोल हैं मोर बोले चकोर बोले, पटियाले वाला राजा बोली होर बोले। 
 
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गुरमुख लाली को मिल चुके हैं कई सम्मान। - फोटो : फाइल फोटो
संग्रह में हैं आजादी से पहले के मुसलमानों और सिखों के लोकगीत 
लाली के पास आजादी से पहले मुसलमानों और सिखों की ओर से पंजाब में गाए जाने वाले लोकगीतों की रिकॉर्डिंग भी है। 1942 में कथक नृत्यांगना और गायिका सितारा देवी के गाए पंजाबी गीत, 1969 में शास्त्रीय गायिका शोभा लक्ष्मी की गाई गुरबाणी, प्रख्यात संगीतकार ओपी नैयर की ओर से गाई गुरबाणी की रिकॉर्डिंग भी उनके पास है। इसमें नैयर ने लाहौर में 1947 में बाबा फरीद का श्लोक गाया है। पाकिस्तानी कलाकार रेशमा की ओर से गाई गुरबाणी की रिकॉर्डिंग भी लाली ने संभाली हुई है। 
 
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पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज से सम्मान लेते गुरमुख लाली। - फोटो : फाइल फोटो
एमफिल और पीएचडी के शोधकर्ता संगीत में रिसर्च के लिए आते हैं 
लाली ने बताया कि एमफिल और पीएचडी के शोधकर्ता संगीत में रिसर्च के लिए उनके पास आते हैं। वे फेसबुक पर लहरां लाली दियां कार्यक्रम भी चलाते हैं। कमेंट बॉक्स में लोग अपने पसंद के गाने की फरमाइश कर देते हैं, अगर उसका रिकॉर्ड उनके पास होता है तो वे उसे फेसबुक पर लाइव सुनाते हैं। 
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