मां मर चुकी थी, लेकिन उसके सीने से चिपकी 6 महीने की बच्ची को खरोंच तक नहीं आईं। एक ही घर में पांच चिताएं एक साथ जलीं तो कोहराम मच गया।
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एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत
मदर्स डे रविवार का दिन और 6 महीने की शिविका ने अपनी मां को खो दिया। वहीं एक मां ने अपनी दो बेटियों को खो दिया और दोनों को यह दिन जिंदगी भर का गम दे गया। अब हर साल लोग मांओं की लंबी उम्र की दुआएं मांग रहे होंगे, वहीं ये बच्ची और उसकी नानी अपनों को खो देने का गम। सोमवार को फगवाड़ा हादसे में मारे गए पांचों लोगों का अंतिम संस्कार किया गया।
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एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत
रविवार सुबह 7.15 बजे फगवाड़ा के खुरमपुर गांव के पास हुए हादसे में शिविका के पिता विकास, मां शिखा, मौसी और उनके दो बेटों की मौत हो गई। दो परिवार पूरी तरह बिखर चुके थे। हालांकि कुदरत के इस कहर के बीच करिश्मा भी हुआ, ट्रक से टकराकर चकनाचूर हुई कार में मां के सीने से चिपकी शिविका को कोई खरोंच तक नहीं आई। अस्पताल ले जाया गया तो बच्ची बिल्कुल स्वस्थ थी।
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family killed in road accident in Phagwara
शिविका के नाम पर दवा की दुकान करने वाले उसके पापा विकास और मम्मी शिखा ने अपने नामों का मेल मिलाकर बड़े लाड़ से नाम रखा था। शादी के सवा साल बाद वे खुद तो दुनिया से चले गए, लेकिन शिविका नाम के रूप में बच्ची से हमेशा जुड़े रहेंगे। बस एक यही नाम उनकी याद बनकर रह जाएगा। बुजुर्ग दादा राजपाल ही अब उसके पालनहार हैं।
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family killed in road accident in Phagwara
राजपाल ने बताया कि विकास के भाई और बहन की मौत के बाद से उसकी मां की आंखों की रोशनी जा चुकी है। अब सिर्फ विकास की 8 माह की निशानी (शिविका) रह गई है, जो अब उनकी जिंदगी है। ट्रक ड्राइवर की गलती ने उससे मां बाप छीन लिए। वह खुद तो फरार हो गया, लेकिन हम सभी को जिंदगी भर का एक नासूर गम दे गया।