Pics: पिता ने किया सेल्यूट तब चली शहीद राजेश की शवयात्रा...देखकर मां, भाई बेसुध
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गांव में हजारों की संख्या में एकत्र हुए लोगों ने नमन किया। प्रदेश सरकार की ओर से मंत्री कृष्ण पंवार पहुंचे। उन्होंने परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने सहित 50 लाख रुपये की राशि देने का ऐलान किया। शहीद की मां ने अपने लाल के माथे को चूमकर अंतिम विदाई दी। 6 राज राइफल के शहीद राजेश कुमार का पार्थिव शरीर शाम को करीब पांच बजे गांव में पहुंचा।
वहां पिहोवा से भागल तक रास्ते में गांवों के लोगों ने तिरंगे लेकर शहीद को नमन किया। काफिला जैसे ही गांव भागल में पहुंचा तो शहीद राजेश पूनिया अमर रहे के नारों से गूंज उठा। सेना के जवानों के साथ ट्रक में ताबूत में पहुंचे राजेश के पार्थिव शरीर को नमन करने के लिए यहां हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी।
लोग गांव की गलियों, घरों की छतों के ऊपर खड़े होकर शहीद की अंतिम यात्रा के दर्शन करते दिखाई दिए। राजेश अमर रहे के गगनभेदी नारों के बीच राजेश का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। इस अवसर पर सेना की टुकड़ी ने गॉर्ड ऑफर ऑनर दिया। साथ ही सेना की ओर से मातमी धुन बजाई गई।
मां ने माथा चूम कर दी लाल को अंतिम विदाई
शहीद राजेश कुमार की माता कृष्णा देवी ने जीवटता का परिचय देते हुए अपने लाल का माथा चूमकर अंतिम विदाई दी और कहा कि उन्हें अपने बेटे की देश पर शहादत के लिए गर्व है। वह अपने दूसरे बेटे को भी देश सेवा के लिए सेना में भेजने के लिए तैयार है।
मंत्री सहित अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि
मंत्री कृष्ण पंवार ने गुहला के विधायक कुलवंत बाजीगर, डीसी सुनीता वर्मा, एसपी आस्था मोदी, जिला भाजपा अध्यक्ष अशोक गुर्जर ढांड के साथ शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मंत्री ने शहीद की माता कृष्णा देवी और पिता श्री भाग सिंह पुनिया को सांत्वना देते हुए कहा कि हरियाणा सरकार हमेशा उनके परिवार के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने शहीद के परिवार को हरियाणा सरकार की तरफ से 50 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की। शहीद के परिजनों में भाई रामफल, ताऊ अजमेर सिंह, बलबीर सिंह, बीरा, मियां सिंह ने भी शहादत पर गर्व महसूस करते हुए कहा कि राजेश कुमार ने देश सेवा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है।
18 हजार फुट की ऊंचाई पर तैनात था राजेश : जम्मू एवं कश्मीर के द्रास व कारगिल के बीच स्थित काकसर स्थान पर 18 हजार फुट की ऊंचाई पर तैनात थे। शहीद राजेश कुमार 18 अगस्त को मौसम खराब होने की वजह से पैर फिसलकर गिरने से शहीद हो गए थे। नियंत्रण रेखा के समीप ड्यूटी पर तैनात सैनिक की मृत्यु पर उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाता है।
पूर्व राज्यसभा सांसद ईश्वर सिंह, धर्मपाल डागर, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव दिल्लु राम बाजीगर, उपमंडलाधीश संजय कुमार, नायब सूबेदार भूप सिंह, मांगे राम जिंदल, ईश्वर सीड़ा सहित भागल गांव तथा आसपास के गांवों के हजारों व्यञ्चित शहीद राजेश कुमार के संस्कार में शामिल हुए तथा उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी।