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Chandigarh News: सेक्टर-34 की टूटी सड़कें बनी लोगों के लिए मुसीबत, रात में खतरा ज्यादा
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चंडीगढ़। स्मार्ट सिटी के नाम से पहचाने जाने वाले चंडीगढ़ के दक्षिणी सेक्टरों में खस्ताहाल सड़कें लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। सेक्टर-34 के कमर्शियल एरिया में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान होने के कारण यहां दूसरे शहरों से आने वाले विद्यार्थियों और लोगों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद वी-4, वी-5 और अंदरूनी सड़कों की हालत लंबे समय से खराब है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन सड़कों को देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल है कि यह चंडीगढ़ की सड़कें हैं। बारिश के दौरान सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का पता नहीं चलता। इससे दोपहिया वाहन चालकों के अचानक गड्ढे में फंसने और संतुलन बिगड़ने का खतरा बना रहता है। रात के समय स्ट्रीट लाइट की कम रोशनी में पानी से भरे गड्ढे और भी खतरनाक हो जाते हैं। वहीं, सड़क की खराब हालत से वाहनों के टायर और सस्पेंशन को भी नुकसान पहुंच रहा है।
मेला ग्राउंड के कारण बढ़ता है ट्रैफिक
सेक्टर-34 मेला ग्राउंड में लगातार कार्यक्रम होने के कारण आसपास दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में खराब सड़कें दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। स्थानीय लोगों ने एमसी के रोड विंग से स्थायी मरम्मत और रिकार्पेटिंग की मांग की है।
अभी टूटी सड़कों पर पैचवर्क करवाया जा रहा है। रिकार्पेटिंग का काम बरसात के बाद शुरू किया जाएगा।— संजय अरोड़ा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
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मेला ग्राउंड के कारण बढ़ता है ट्रैफिक
सेक्टर-34 मेला ग्राउंड में लगातार कार्यक्रम होने के कारण आसपास दिनभर वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में खराब सड़कें दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। स्थानीय लोगों ने एमसी के रोड विंग से स्थायी मरम्मत और रिकार्पेटिंग की मांग की है।
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अभी टूटी सड़कों पर पैचवर्क करवाया जा रहा है। रिकार्पेटिंग का काम बरसात के बाद शुरू किया जाएगा।— संजय अरोड़ा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम