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किसान आंदोलन : किसानों के लिए आई मुर्राह भैंस, रोजाना देती है 16 लीटर दूध, कीमत सुन हो जाएंगे हैरान
Thu, 18 Mar 2021 11:24 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 18 Mar 2021 11:24 AM IST
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टीकरी बॉर्डर पर लाई गई भैंस।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन चल रहा है। आंदोलन में आने वाले किसानों को दूध की कमी न हो, इसके लिए किसान टीकरी बॉर्डर के आंदोलन में अब मुर्राह नस्ल की भैंस खरीदकर लाए हैं। बहादुरगढ़ के सेक्टर-9 बाईपास के साथ लगते पार्क में बंधी भैंस लुधियाना के पिंड मानुके संधु के किसान लाए हैं। किसानों ने यह भैंस जींद के पशु व्यापारी बलजीत सिंह से खरीदी है। भैंस और उसकी कटड़ी का महिला किसानों ने मंगल गीत गाकर व गुड़-चना और रोटी खिलाकर स्वागत किया। मानुके संधु के पूर्व सरपंच बलदेव सिंह संधु, साधु सिंह पूर्व सरपंच, ब्लाक समिति के पूर्व सदस्य नवतेज सिंह ने बताया कि आंदोलनस्थल पर शुरू में तो दूध काफी मिल जाता था, लेकिन 26 जनवरी के बाद दूध की सप्लाई काफी कम हो गई है। ऐसे में उन्होंने भैंस लाना बेहतर समझा। अब आंदोलन कर रहे साथियों को दूध की कमी नहीं खलेगी।
किसान लाए एक लाख रुपये की भैंस।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किसानों ने बताया कि उनके पिंड मानुके संधु गांव के 18-20 आदमी हर रोज आंदोलन में रहते हैं। ऐसे में प्रतिदिन बाजार से एक हजार रुपये तक का दूध खरीदना पड़ रहा था। फिर भी कई बार दूध की कमी हो जाती थी। हर रोज करीब 16 लीटर दूध देने वाली इस भैंस की कीमत एक लाख रुपये है।
मुर्राह भैंस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किसानों ने बताया कि वे इस भैंस के लिए चारा बाजार से खरीदकर लाएंगे। इसके अलावा आंदोलन स्थल पर लगने वाले भंडारे में हर रोज काफी मात्रा में रोटियां बच जाती हैं। वो भी इकट्ठा करके भैंस को खिलाएंगे। भैंस को रखने के लिए पार्क में तंबू बनाया है, जिसमें पंखा लगा दिया गया है। रात को भैंस को तंबू में रखा जाएगा।
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किसान आंदोलन में लाई गई भैंस।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से 26 मार्च के भारत बंद को सफल बनाने के लिए पूरा जोर लगाया जा रहा है। इसके लिए ट्रेड यूनियनों, कर्मचारी संगठनों, श्रमिकों व ट्रांसपोर्टर समेत व्यापारियों से सहयोग मांगा गया है और इसके लिए कुंडली बॉर्डर पर सभी संगठनों के पदाधिकारियों संग किसान नेताओं की बैठक हुई। इस बार बंद सांकेतिक नहीं होगा, बल्कि सुबह छह से शाम छह बजे तक बंद किया जाएगा और दुकान से लेकर सड़क व रेल मार्ग तक बंद रखने का एलान किया गया है।
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किसान आंदोलन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किसान संयुक्त मोर्चा के नेता डा. दर्शनपाल, हरजीत रवि, रणजीत राजू, सतनाम सिंह अजनाला, कृष्णा प्रसाद, ओंकार सिंह व मुकेश चंद्र ने बताया कि शहीद यादगार किसान मजदूर पदयात्रा 18 से 23 मार्च तक आयोजित की जाएगी। एक पदयात्रा 18 मार्च को लाल सड़क हांसी, हिसार हरियाणा से शुरू होकर 23 मार्च को टीकरी बार्डर तक आएगी। दूसरी पंजाब के खटकड़ कलां से शुरू होकर पानीपत आएगी और हरियाणा के जत्थे से मिलकर पैदल 23 मार्च को कुंडली बार्डर पर आएगी। तीसरी यात्रा मथुरा उत्तर प्रदेश से शुरू होकर पलवल पड़ाव पर आएगी। इस तरह कर्नाटक में 400 किलोमीटर की पदयात्रा तय मार्ग के साथ गांवों में भागीदारी के साथ आगे बढ़ रही है। 23 मार्च को बैलारी में यात्रा पूरी करने के बाद 6 अप्रैल को कर्नाटक के गांवों की एकत्र हो रही मिट्टी को कुंडली बॉर्डर पर लाया जाएगा। यहां आंदोलन के शहीदों के लिए स्मारक बनाने की योजना बनाई जा रही है।