भारतीय महिला ने पाकिस्तान जाकर धर्म बदलकर शादी कर ली थी। उसके बारे में पहले 5 खुलासे हुए थे और अब तीन नए सच सामने आए हैं।
18 की उम्र में प्रेमी संग घर से भागी किरण बाला, 31 की उम्र में पाकिस्तान पहुंच गई। प्रेमी से पति बने युवक की मौत को अभी चार साल ही बीते थे कि 3 बच्चों की मां किरण बाला ने पाकिस्तान जाकर वहां के नागरिक नौजवान मोहम्मद आजम से निकाह कर लिया। इसके लिए न केवल उसने धर्म बदल लिया, बल्कि अपने बच्चे होने से भी मुकर गई। कुछ दिन पहले ही वह किरण बाला से आमना बीबी बनी और पाकिस्तानी मीडिया से कहा कि उसके कोई बच्चे नहीं हैं। जबकि यहां सूनी आंखों से उसके तीनों बच्चे मां का इंतजार कर रहे हैं।
किरण बाला 12 साल की अपनी बड़ी बेटी को यह समझा कर गई थी कि वह 21 तारीख को लौट आएगी। तब तक वह छोटे भाइयों का ध्यान रखे। बच्चों को यह भी समझाया कि वह दादा-दादी की बात माने और घर में किसी को तंग न करे। यही नहीं, पाकिस्तान जाने के बाद तीन दिन तक वह वहां से अपने ससुर तरसेम सिंह से बात भी करती रही और परिवार व बच्चों का हालचाल जानती रही। लेकिन एकाएक उसने बच्चों व परिवार से मुंह मोड़ लिया। ससुर तरसेम सिंह इससे खासे आहत है।
गढ़शंकर पहुंचे अमर उजाला संवाददाता को तरसेम सिंह ने बताया कि 15 अप्रैल तक तो ऐसी कोई बात ही नहीं थी कि वह पाकिस्तान से वापस नहीं आएगी। किरण बाला के तीनों बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र, बीपीएल कार्ड और बेटी के साथ खोले गए बैंक खाते की प्रतियां दिखाते हुए वे बोले कि वहां जाने के बाद अचानक क्या हुआ कि उसने लौटकर आने से मना कर दिया।
मूलरूप से दिल्ली की रहने वाली है किरण बाला
पति की मौत के बाद चार साल तक गढ़शंकर में सीमेंट की चादरों की छत के नीचे, गारे की चिनाई वाली दीवारों और टूटे फर्श के छोटे से घर में रहने वाली किरण बाला का परिवार मूल रूप से पठानकोट के गांव शेरपुर का है, लेकिन उसके पिता लंबे समय से दिल्ली के मुखर्जी नगर में रह रहे हैं। माता-पिता के अलावा मायके में उसकी एक छोटी बहन और छोटा भाई है। बहन की शादी हो चुकी है, जबकि भाई दिल्ली में ही पुरानी गाड़ियां खरीदने बेचने का काम करता है।