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गजब का गांव, यहां पैदा होने वाले बनते हैं केवल जज और मिनिस्टर

Wed, 26 Oct 2016 09:35 AM IST
प्रवीण शर्मा/अमर उजाला, रेवाड़ी(हरियाणा)
प्रवीण शर्मा/अमर उजाला, रेवाड़ी(हरियाणा) Updated Wed, 26 Oct 2016 09:35 AM IST
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Extraordinary village of haryana is here, the born people only become judges and ministers
हरियाणा के रेवाड़ी जिले का अनोखा गांव बूढ़पुर - फोटो : अमर उजाला
गांव का सौभाग्य देखिए, यहां पैदा होने वाले या तो मंत्री बनते हैं या जज। गांव का इतिहास अपने आप में अनोखा है। यकीं नहीं होता तो खुद देखिए।
Extraordinary village of haryana is here, the born people only become judges and ministers
हरियाणा के रेवाड़ी जिले का अनोखा गांव बूढ़पुर - फोटो : अमर उजाला

ये है रेवाड़ी जिले का गांव बूढ़पुर। ‘वह नामी गांव बूढ़पुर कहिए, जहां जज और मिनिस्टर रहते हैं’। ये कहावत छह दशक से अहीरवाल में चली आ रही है। इस कहावत से बूढ़पुर गांव की प्रसिद्धि साफ झलकती है। दरअसल संयुक्त पंजाब में अहीरवाल के प्रथम विधायक राव मोहर सिंह एवं उनके भाई न्यायाधीश श्योप्रसाद इसी गांव से रहे हैं। उसे के बाद से यह कहावत आज तक लोगों की जुबान पर है।

Extraordinary village of haryana is here, the born people only become judges and ministers
हरियाणा के रेवाड़ी जिले का अनोखा गांव बूढ़पुर - फोटो : अमर उजाला

जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित बेरली की ओर जाने वाले इस बूढ़पुर गांव की आबादी करीब छह हजार है। गांव में करीब 1700 वोटर हैं। अधिकांश युवा वर्ग की आबादी वाले इस गांव का इतिहास अपने आप में अनोखा है। इस छोटे से गांव ने अहीरवाल को चार विधायक दिए हैं। जिनमें राव मोहर सिंह, राव महावीर सिंह, राव नरबीर सिंह और राव विजयवीर सिंह शामिल हैं। इनमें से राव नरबीर सिंह आज राज्य सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री हैं।

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हरियाणा के रेवाड़ी जिले का अनोखा गांव बूढ़पुर - फोटो : अमर उजाला

बूढ़पुर गांव का शिक्षा का स्तर बहुत उच्च है। गांव में स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल 1968 से स्थापित है। उस समय दूर-दूर से लोग इस स्कूल में पढ़ने आते थे। राव मोहर सिंह ने पूरे अहीरवाल में कई शिक्षा सोसाइटी का गठन किया। इसके अतिरिक्त गांव में बालिका शिक्षा पर भी काफी जोर है। आज गांव की कई लड़कियां एवं बहुएं विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी कर रही हैं। इस छोटे से लोग हर क्षेत्र में सेवा दे रहे हैं। चाहे व निजी हो या सरकारी। गांव के ही ब्रह्मानंद मध्यप्रदेश में आईजी हैं। सेना में कर्नल नरपाल यादव भी इसी गांव से हैं। इसके अतिरिक्त गांव में कई पटवारी और शिक्षक देखे जा सकते हैं।

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बाबा धूणीदास का मंदिर आस्था का केंद्रः गांव में स्थित बाबा धूणीदास का मंदिर आसपास के क्षेत्र में आस्था का केंद्र है। टायफाइड होने पर लोग यहां आकर झाड़ा लगवाने आते हैं। कहा जाता है कि झाड़ा लगवाने के बाद मरीज बिल्कुल ठीक हो जाता है। आर्मी में शिक्षक रह चुके लेफ्टिनेंट भरत सिंह ने बताया कि गांव के ही जगराम बीएसएफ में कमांडेंट हैं, उन्हें राष्ट्रपति अवार्ड तक मिल चुका है।

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