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GMCH के सर्वे में बड़ा खुलासा, पंजाब का हर आठवां व्यक्ति मानसिक रोगी

Sun, 09 Apr 2017 09:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 09 Apr 2017 09:11 AM IST
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Every 8th person in Punjab is mentally ill
पंजाब का हर आठवां व्यक्ति मानसिक रोगी - फोटो : Demo Pic
पंजाब में हर आठवां व्यक्ति मानसिक रोग से पीड़ित है। मानसिक रोग से सबसे ज्यादा प्रभावित 60 साल से ऊपर की उम्र के लोग हैं। महिलाओं के मुकाबले पुरुष ज्यादा पीड़ित हैं।
Every 8th person in Punjab is mentally ill
- फोटो : Demo Pic
यह दावा सेक्टर 32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल (जीएमसीएच) व नेशनल इंस्टीट्यूट आफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज (निमांस) बंगलूरू की ओर से किए गए सर्वे में किया गया है। रिपोर्ट कहती है कि सिर्फ 20 प्रतिशत रोगियों को ही इलाज मिल पाता है। रोगियों के बेहतर इलाज के लिए रिपोर्ट ने कई सारी सिफारिशें भी दी हैं। ये सर्वे पंजाब के चार जिलों में किए गए थे, जिनमें फरीदकोट, लुधियाना, मोगा और पटियाला शामिल हैं। इस दौरान 2895 लोगों से बातचीत की गई है।
Every 8th person in Punjab is mentally ill
पंजाब का हर आठवां व्यक्ति मानसिक रोगी
उम्र के साथ बढ़ती है मानसिक बीमारी
जीएमसीएच के मनोचिकित्सक डिपार्टमेंट के एचओडी डा. बीएस चवन ने बताया कि 18-29 उम्र के 12.77 प्रतिशत लोग, 30-39 उम्र के 20.40 प्रतिशत, 40-49 उम्र के 16.58 प्रतिशत, 50-59 उम्र के 20.94 प्रतिशत और 60 साल से ऊपर के 24.51 प्रतिशत लोग मानसिक बीमारी से पीड़ित हैं। उम्र बढ़ने के साथ बीमारी बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। पहला, जब उनमें रोग के लक्षण आते हैं तो लोग समझते हैं कि उम्र बढ़ रही है और इस उम्र में ऐसे लक्षण आना आम बात है। दूसरा, इस उम्र में डायबिटीज, स्ट्रोक और हार्ट की बीमारी भी आम होती है। इससे भी मानसिक रोग होने की आशंका रहती है।
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पंजाब का हर आठवां व्यक्ति मानसिक रोगी
21.9 लाख रोगियों पर सिर्फ 127 मनोचिकित्सक
सर्वे के दौरान पता चला है कि मनोरोगियों के इलाज में बहुत बड़ा गैप है। पंजाब में मानसिक रोगों से पीड़ित मरीजों की अनुमानित संख्या 21.9 लाख है। इनमें से सिर्फ 4.38 लाख लोग ही इलाज करवा पाते हैं। पंजाब में सिर्फ 127 ही मनोचिकित्सक हैं। डा. चवन ने बताया कि इलाज में कमी का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि रोगियों को पहला इलाज रोग होने के छह महीने बाद मिलता है। इसका मुख्य कारण डाक्टरों की जबरदस्त कमी होना है।
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पंजाब का हर आठवां व्यक्ति मानसिक रोगी
रिपोर्ट में ये दी गई हैं सिफारिशें
1. सुरक्षित और प्रभावी इलाज के लिए लोगों में जागरूकता का स्तर बढ़ाया जाए।
2. स्वास्थ्य विभाग के (आशा वर्कर्स, एएनएम और आंगनबाड़ी वर्कर्स) की संख्या को बढ़ाया जाए।
3. जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम को पंजाब के सभी जिलों में लागू किया जाए।
4. पंजाब सरकार को मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक बजट अलग से भी रखना चाहिए।
5. कुल स्वास्थ्य बजट में से कम से कम 5 प्रतिशत मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए रखना चाहिए।
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