{"_id":"594b8f5f4f1c1bd2278b45a5","slug":"educational-qualification-for-assistant-professor-in-medical-colleges","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"सरकारी या प्राइवेट कॉलेज में प्रोफेसर बनना अब आसान नहीं, कई नियम बदले गए हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी या प्राइवेट कॉलेज में प्रोफेसर बनना अब आसान नहीं, कई नियम बदले गए हैं
Fri, 23 Jun 2017 09:18 AM IST
संजय कुमार/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
संजय कुमार/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Fri, 23 Jun 2017 09:18 AM IST
विज्ञापन
1 of 9
एडमिशन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
देश के सभी सरकारी और गैर सरकारी कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर बनना अब आसान नहीं होगा। कई नियमों में कड़ा बदलाव किया गया है, देखिए।
2 of 9
medical student
- फोटो : demo pic
दरअसल, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने देश के सभी सरकारी और गैर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए योग्यता निर्धारित कर दी है। इसके तहत अब एमडी और एमएस करने वाले डॉक्टरों को मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेज में एक साल की सीनियर रेजिडेंट की जॉब करनी होगी। इसके बाद ही वे सहायक प्रोफेसर के लिए आवेदन कर पाएंगे।
3 of 9
medical student
इसका असर अब देश के तकरीबन 15000 एमडी और एमएस डॉक्टरों पर पडे़गा। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग के सामने चुनौती है कि देश में जल्द से जल्द एक्सपर्ट डॉक्टरों की संख्या को बढ़ाया जाए, लेकिन डॉक्टरों की गुणवत्ता में कोई खामी न रहे। इसके लिए एमसीआई ने सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए सीनियर रेजिडेंट का अनुभव होना अनिवार्य कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 9
medical student
एम्स दिल्ली, पीजीआईएमएस चंडीगढ़ और दक्षिण में वैलोर मेडिकल कॉलेज में पहले से ही तीन साल का सीनियर रेजिडेंट अनुभव अनिवार्य है। इसकी मुख्य वजह यहां सीनियर रेजिडेंट की नौकरी करने वालों की भीड़ होना है। यहां छंटनी करने के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं। अब पीजीआईएमएस रोहतक में यह एक साल का अनुभव अनिवार्य है।
विज्ञापन
5 of 9
medical student
नए नियमानुसार यदि डॉक्टर अपनी एमडी और एमएस की डिग्री कर चुका है और उसकी आयु 40 वर्ष से अधिक हो गई है तो वह सीनियर रेजिडेंट पद के लिए आवेदन नहीं कर सकता। इसका खामियाजा यह होगा कि वह डॉक्टर किसी संस्थान में सहायक प्रोफेसर की पोस्ट के लिए आवेदन नहीं कर सकेगा। इस नियम का असर कई राज्यों में डॉक्टरों पर पडे़गा।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।