पासपोर्ट बनवा लिया है या बनवाने की सोच रहे हैं तो ये नया नियम जरूर जान लें। इस शर्त को जल्दी ही लागू कर दिया जाएगा, इग्नोर की तो पछताएंगे।
विजय माल्या, मेहुल चोकसी, नीरव मोदी सरकार की आंखों में धूल झोंककर विदेश भाग गए, लेकिन अब कोई नया माल्या, मोदी या चोकसी विदेश नहीं भाग सकेगा। विदेश मंत्रालय ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने जा रहा है। लोन डिफाल्टरों का डाटा ई-पासपोर्ट में समाहित होगा। इस डाटा से छेड़छाड़ भी संभव नहीं हो सकेगी। यह व्यवस्था सितंबर से लागू होने जा रही है।
बता दें कि यदि किसी के ऊपर अधिक लोन आदि बकाया है तो विदेश जाने के लिए उसे विदेश मंत्रालय से अनुमति लेनी होगी। माल्या, चोकसी आदि के विदेश भागने के बाद विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया तो सरकार ने उन पर शिकंजा यहीं से कसा, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। भविष्य में सरकार कटघरे में न खड़ी हो, इसे देखते हुए विदेश मंत्रालय ने नई तैयारी की है।
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वर्षों से ई-पासपोर्ट की मांग की जा रही थी, जो इस मुद्दे के कारण अब लागू की जा रही है। पहले ई-पासपोर्ट केवल छेड़छाड़ व सुरक्षा के दृष्टिकोण से जारी किया जा रहा था, लेकिन अब इसके कुछ नियमों में और बदलाव हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक ई-पासपोर्ट में संबंधित व्यक्ति का पूरा डाटा बायोमीट्रिक होगा। इसमें पासपोर्ट के दौरान लगाए गए सभी डॉक्यूमेंट दिखेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, जितने भी मोटे बकायेदार हैं, उनका डाटा भी ई-पासपोर्ट में फीड किया जाएगा। दूसरी ओर, जिस तरह पुराने एटीएम कार्ड बदले जा रहे हैं। उसी तरह पासपोर्ट को भी ई-पासपोर्ट के लिए जमा कराना पड़ सकता है। फिलहाल, विदेश मंत्रालय ने ई-पासपोर्ट का जिम्मा नासिक स्थित इंडिया सिक्योरिटी प्रेस को दिया है। इसी ओर से टेंडर जारी किए जाएंगे।