अब भारतीय सेना के जवानों की एक गोली ही दुश्मन को ढेर करने के लिए पर्याप्त होगी। ऐसे में आतंकी देश में घुसने की हिम्मत भी नहीं कर पाएंगे। बड़ा बदलाव होने जा रहा है।
दुश्मनों के खिलाफ सेना के जवानों का निशाना अब और परफेक्ट होगा। एक मिशन के तहत सैन्य जवानों की युद्ध कला को निखारने के लिए उनकी निशानेबाजी को और ज्यादा सटीक बनाया जाएगा। सभी सैन्य छावनियों में तैनात सेना यूनिटों को भी संबंधित दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
सैन्य यूनिटों को ‘एक गोली एक दुश्मन’अभियान के तहत जवानों के निशाने को और परफेक्ट बनाने को कहा गया है। जवानों को इस अभियान को अपनी युद्ध कला का एक सिद्धांत बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस वक्त सेना के जवान घाटी में एक अघोषित युद्ध लड़ रहे हैं। पाक समर्थित आतंकियों से मुठभेड़, घुसपैठ के साथ-साथ पाक सीमा से बैट हमला व सीजफायर का उल्लंघन जैसी घटनाओं से आए दिन इंडियन आर्मी जूझ रही है।
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आतंकी अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं। लेकिन आड़े इंडियन आर्मी का ऑपरेशन ऑलआउट उनके मंसूबों की पूर्ति में एक बड़ा रोड़ा बना हुआ है। इसलिए आतंकी दहशत फैलाने के साथ-साथ भारतीय सेना के शिविरों व जवानों को भी अपना निशाना बनाने का मौका नहीं छोड़ते। इसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सेना ने अपने ‘ऑपरेशन क्लीन’को और मजबूती देते हुए जवानों के लिए यह अभियान शुरू किया है।
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अभियान के तहत जवानों को प्रशिक्षित किया जाएगा कि उनकी एक गोली से देश के एक दुश्मन का खात्मा होना चाहिए। सेना के एक आला अफसर ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि इस अभियान के संदर्भ में सेना का मानना है कि जवान अपनी सटीक निशानेबाजी से अपनी युद्ध कला को और निखारते हुए उसे घातक बना सकता है। इससे आर्मी एम्युनिशन की खपत भी कम होगी। जवान लगातार अपनी निशानेबाजी की प्रैक्टिस जारी रख सकेंगे।