फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

इस शख्स के जीवन और संघर्ष की कहानी पर बनने जा रही है डॉक्यूमेंट्री, ये न पुरुष है और न ही महिला

Thu, 23 Aug 2018 02:18 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 23 Aug 2018 02:18 PM IST
विज्ञापन
Documentary on Transgender Dhananjay Singh Life
किन्नर धनंजय सिंह
सेलिब्रिटी या किसी नामचीन हस्ती की जिंदगी पर बनी डॉक्यूमेंट्री देखी होंगी। लेकिन एक ऐसे शख्स के जीवन और संघर्ष की कहानी पर डॉक्यूमेंट्री बनने जा रही है, जो न तो पुरुष है और न ही महिला।


 
Documentary on Transgender Dhananjay Singh Life
धनंजय सिंह चौहान
संघर्ष जिंदगी का हिस्सा होते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि हमारी जिंदगी में कुछ ज्यादा हैं। किन्नरों की हालत सुधारने की जो लड़ाई लड़ने की मैंने ठानी है, वह लंबी चलेगी। अभी तो कहानी शुरू हुई है। पंजाब यूनिवर्सिटी की पहली ट्रांसजेंडर छात्र धनंजय चौहान ने यह बातें कहीं। धनंजय अपने जीवन पर बनने वाली डॉक्यूमेंट्री की लांचिंग के सिलसिले में प्रेस क्लब में पत्रकारों से रूबरू थीं।
Documentary on Transgender Dhananjay Singh Life
धनंजय सिंह चौहान
धनंजय ने बताया कि बचपन में बधाई से मिलने वाले पैसे से उनकी गुरु काजल मंगलमुखी ने उन्हें पढ़ाया। आज वे उसी की बदौलत किन्नरों के हक की लड़ाई लड़ेंगी। किन्नरों के इसी संघर्ष को बायोग्राफिकल फीचर डॉक्यूमेंट्री (एडमिटेड) बयां करेगी। ओजस्वी शर्मा इसके डायरेक्टर हैं। बहुत जल्दी यह डोक्यूमेंट्री लोगों के सामने होगी, तब उन्हें पता चलेगा कि एक किन्नर का जीवन क्या होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Documentary on Transgender Dhananjay Singh Life
किन्नर स्टूडेंट धनंजय
दो घंटे 40 मिनट की होगी यह फिल्म
धनंजय ने बताया कि फिल्म कई ऐसे सवाल छोड़ती है, जो लोगों को सोचने पर मजबूर कर देंगे। ट्रांसजेंडर्स ने ऐसा क्या गुनाह किया है, जो उन्हें अलग जीवन जीने को मजबूर कर रहे हैं। किस समाज ने किन्नरों को ये जगह दी है। फिल्म में ऐसे ही सवालों का जवाब तलाशा गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है, जो ट्रांसजेंडर्स को मुख्य धारा से जोड़ने का काम कर सकता है। यही वजह है कि उन्होंने अपने हाथों में विद्या का दंड थाम लिया है और वे अपने ही समान दूसरे लोगों को शिक्षा दिलवाने के लिए निकल पड़े हैं। वे जानते हैं कि रास्ता कठिन है, लेकिन वे इस लड़ाई को जीत कर ही समाप्त करेंगे।
विज्ञापन
Documentary on Transgender Dhananjay Singh Life
किन्नर धनंजय सिंह
कौन हैं धनंजय
धनंजय पंजाब विश्वविद्यालय की पहल्री ट्रांसजेंडर स्टूडेंट हैं और इनके ही प्रयास से पीयू में सबसे पहले ट्रांसजेंडर के लिए अलग से शौचालय बनवाया गया। शिक्षण संस्थाओं के दाखिला फार्म में महिला-पुरुष के साथ तीसरा ऑप्शन ट्रांसजेंडर जुड़वाने का श्रेय भी इन्हें ही जाता है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2014 में ट्रांसजेंडर्स के लिए प्रवेश फॉर्म में ऑप्शन देने का आदेश दिया। एक पुरुष की तरह धनंजय ने अपनी पढ़ाई गवर्नमेंट कालेज सेक्टर-46 से पूरी की और  विवाह भी किया। उनके दो बच्चे भी हैं। लेकिन खुद की भावनाओं से जूझ रही धनंजय ने अपने परिवार से अपने व्यक्तित्व के बारे में बात की और समाज में अपने अस्तित्व को बयां किया। इसके बाद से ही उन्होंने किन्नरों के हक की लड़ाई छोटे छोटे स्तर पर शुरू कर दी थी।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed