देखिए देश में एक ऐसा महाराज, जिनके दुनिया भर में लाखों फॉलोअर्स हैं। वे पिछले 3 साल से समाधि में हैं, पर क्लीनिकली डेड हैं। जानिए इनके बारे में सब कुछ।
हम बात कर रहे हैं पंजाब में जालंधर में नूरमहल स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के प्रमुख आशुतोष महाराज की। इनके समाधि में रहने को लेकर विवाद चल रहा था, जो हाईकोर्ट तक पहुंचा। याचिका में आशुतोष महाराज का अंतिम संस्कार किए जाने की मांग की गई, लेकिन डेरा और उनके भक्तों को यकीं है कि वे समाधि से लौट आएंगे। अब हाईकोर्ट ने भी मामले में उनके भक्तों के हक में फैसला सुना दिया है।
मामले में जस्टिस महेश ग्रोवर की खंडपीठ ने अहम फैसला सुनाते हुए सिंगल बेंच के आदेशों को खारिज करते हुए आशुतोष महाराज के शरीर को संरक्षित करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि आशुतोष महाराज के शरीर को किसी भी प्रकार का नुकसान ना हो इसके लिए लगातार डीएमसी की मेडिकल टीम उनके शरीर की जांच हेतु जाती रहेंगी।
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आशुतोष महाराज
- फोटो : file photo
हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि उनके शरीर की मेडिकल जांच के लिए डेरे को भुगतान करना होगा। इस भुगतान के लिये हाईकोर्ट ने 50 लाख के तौर पर एफडी के रूप में जमा रखने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही आशुतोष महाराज की कथित पुत्र दिलीप कुमार झा की डीएनए टेस्ट को लेकर दाखिल की गई याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी।
डीएनए टेस्ट की मांग पर हाईकोर्ट ने दिलीप कुमार झा को कहा कि वो चाहे तो इसके लिए सिविल सूट दाखिल कर सकते हैं और सिविल सूट दाखिल करने की स्थिति में यदि आशुतोष महाराज के DNA के सैंपल लेने की आवश्यकता पड़ी तो डेरे को निर्देश दिए गए हैं कि सैंपल लेने में किसी भी तरह के रोक टोक न की जाए।