धनतेरस के दिन तांबा, पीतल, सोना और चांद के बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन इस दिन एक समय ऐसा होगा, जब आप भूलकर भी खरीदारी न करें, अशुभ होगा।
2 of 5
धनतेरस
- फोटो : amar ujala
चंडीगढ़ सेक्टर -30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र कहते हैं कि धनतेरस के दिन दोपहर बाद तीन बजे से साढ़े चार बजे तक राहुकाल है। राहुकाल में खरीदारी करने की मनाही है। इस काल में खरीदारी करते हैं तो अशुभ होता है। मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं।
3 of 5
dhanteras
- फोटो : amar ujala
बीरेंद्र नारायण मिश्र कहते हैं कि धनतेरस 17 अक्तूबर दिन मंगलवार को है। इस त्योहार को धनत्र्योदशी भी कहते हैं। 16 अक्तूबर दिन सोमवार को रात 12 बजकर 27 मिनट पर त्र्योदशी का शुभारंभ हो रहा है और 17 अक्तूबर दिन मंगलवार को रात 12 बजकर नौ मिनट पर त्र्योदशी समाप्त हो रहा है।
सुबह 10 बजकर 49 मिनट से 12 बजकर 13 मिनट तक चर की चौघड़िया में बर्तन खरीदना शुभ है। 12 बजकर 13 मिनट से एक बजकर 37 मिनट तक लाभ की चौघड़िया और अभिजीत मुहूर्त होने के कारण सबसे शुभ मुहूर्त है। एक बजकर 37 मिनट से दोपहर बाद तीन बजे तक अमृत की चौघड़िया है। यह भी शुभ समय है।
देवालय पूजक परिषद के कोषाध्यक्ष और सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ लाल बहादुर दुबे का कहना है कि भविष्य पुराण में ऐसा वर्णन है कि लाभ की चौघड़िया और अभिजीत मुहूर्त यदि कार्तिक कृष्ण पक्ष त्र्योदशी को हो तो इस दिन बर्तन खरीदना सबसे शुभ माना जाता है। इसमें धन की समृद्धि, घर में सुख शांति होती है।