साध्वी रेप केस में 25 अगस्त को दोषी करार दिए जाने के बाद
राम रहीम को भगाने की साजिश थी, मामले में अब कई बातें सामने आ रही हैं।
ऑटोमेटिक मशीनगन, माउजर जैसे असलहे से लैस, जैमर वाली स्कॉर्पियो में दोषी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को फरार कराने की साजिश शामिल सात सुरक्षा कर्मियों को शनिवार को जिला अदालत में पेश किया गया। इनमें पांच सुरक्षा कर्मी हरियाणा पुलिस के हैं, जबकि दो निजी सुरक्षा कर्मियों को भी न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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honey preet and ram rahim
गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद 25 अगस्त को स्कॉर्पियो में बैठे छह सुरक्षा कर्मी डीआई नाके के पास बाहर निकल आए। उन्होंने ललकारा भी। पुलिस कर्मियों ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन पर गाड़ी चढ़ाने की भी कोशिश की गई। साजिश को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं कि आखिरकार बगैर पड़ताल के ऐसे सुरक्षा कर्मियों को क्यों साथ तैनात किया गया, जिनकी भूमिका संदिग्ध थी।
दर्जनों गोलियां भी बरामद हुईं
आरोपियों के कब्जे से बरामद हथियारों के लाइसेंस नहीं दिखाए थे। जबकि उनके कब्जे से दर्जनों गोलियां भी बरामद हुईं। मामले में पुलिस ने सेक्टर-पांच थाने में अजय, राम सिंह, बलवान सिंह, कृष्ण दास, विजय सिंह के अलावा दो निजी सुरक्षा कर्मी प्रीतम सिंह, खुशबीर सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
वॉकी टॉकी का कैसे कर रहे थे इस्तेमाल
जैमर वाली गाड़ी में बैठे आरोपियों तक वॉकी टॉकी कैसे पहुंचा, इसका इस्तेमाल साजिश के लिए कर रहे थे। पुलिस को फिर भी कैसे भनक नहीं मिल पाई। पुलिस इससे जुड़े पहलुओं की छानबीन कर रही है।