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राम रहीम की 'लाडली' हनीप्रीत ने कोर्ट में जज से कह दी ऐसी बात, सुनकर चुप हो गए सब

Sun, 17 Jun 2018 09:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला Updated Sun, 17 Jun 2018 09:51 AM IST
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dera sacha sauda chief ram rahim, honeypreet case hearing
हनीप्रीत - फोटो : ANI
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम की 'लाडली' हनीप्रीत ने कोर्ट में जज से ऐसी बात कह दी, सुनकर सभी चुप हो गए।  25 अगस्त 2017 को पंचकूला में हुई हिंसा और देशद्रोह के मामले में अदालत ने आरोपी हनीप्रीत की जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान हनीप्रीत के वकील ने उसकी तरफ से एक याचिका पेश की।
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Honeypreet Insan - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, हनीप्रीत अब जेल से बाहर आना चाहती है। इसके लिए उसने अदालत से गुहार लगाई है। इसके लिए दायर की गई याचिका में हनीप्रीत ने कहा कि मैं एक महिला हूं और 245 दिन ने जेल में कैद हूं। हिंसा में मेरी कोई भूमिका नहीं है। दोषी करार दिए जाने के बाद मैं राम रहीम के साथ पंचकूला से सुनारिया जेल चली गई। मामले में मेरा नाम एफआईआर में बाद में शमिल किया गया।

 
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हनीप्रीत की पेशी
हनीप्रीत ने याचिका में कहा कि मुझे पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि मैं खुद तीन अक्तूबर 2017 को आत्मसमर्पण करने आई थी। जब एफआईआर नंबर-345 के अन्य 15 आरोपितों को जमानत मिल चुकी है तो 245 दिन जेल में रहने के बाद मैं भी जमानत की हकदार हूं। सेक्शन 439 के तहत महिला होने के चलते मुझे रियायत दी जानी चाहिए।
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हनीप्रीत की पेशी
हनीप्रीत ने याचिका में कहा कि मैं कहीं भागने वाली नहीं हूं, क्योंकि जांच एजेंसी के पास मेरा पासपोर्ट जमा है। डिसक्लोजर स्टेटमेंट के अलावा कुछ भी नहीं लिखा है। इस मामले में पहले ही बलराज, गोपाल, राम सिंह, खैराती लाल, गुरमीत सिंह, दलजीत, वेदप्रकाश, भीमसेन, रणधीर सिंह, गुरमीत सिंह को जमानत मिल चुकी है, मुझे भी मिलनी चाहिए।
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राम रहीम की 'लाड़ली' हनीप्रीत
हनीप्रीत के एडवोकेट ध्रुव गुप्ता ने जमानत याचिका में बहस करते हुए कहा कि हनीप्रीत को जबरन मामले में फंसाया जा रहा है। हनीप्रीत से पुलिस न तो कुछ रिकवर कर सकी और न ही कोई ऐसा चीज मिली है, जिसका हिंसा में इस्तेमाल किया गया। उसका नाम भी एफआईआर में बाद में जोड़ा गया। मौके पर ऐसा कोई सबूत नहीं मिला, जिससे साबित हो कि उसने हिंसा की।
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