डेरा सच्चा सौदा प्रमुख
गुरमीत राम रहीम के समर्थकों ने हिंसा की स्क्रिप्ट लिखी थी, वो भी कोडवर्ड में। जैसे ही फैसला आया, शुरू हुआ तबाही का तांडव, तस्वीरों में देखिए कैसे।
डेरामुखी को दोषी करार देने के बाद हुई भयावह हिंसा की स्क्रिप्ट फैसला आने से चौबीस घंटे पहले वीरवार को फाइनल हो गई थी। इसे राम रहीम के गुर्गों ने दिन-रात में बखूबी लिखा और सीबीआई की विशेष अदालत से एक किलोमीटर दूर जमा डेरा प्रेमियों को इसकी रूपरेखा भी समझा दी। विभिन्न सेक्टरों के पार्कों व सड़क किनारे जमा युवाओं और महिलाओं को पुलिस की ओर से होने वाले एक्शन के बाद के रिएक्शन के दिशा-निर्देश कोर्डवर्ड में दिए गए थे।
समर्थकों के लिए खाना, पानी, चाय ला रहे पंजाब-हरियाणा के डेरामुखी के गुर्गों पर हर आधे घंटे बाद मुख्य स्थलों पर पहुंचकर पल-पल बदल रही रणनीति से अवगत कराने का भी जिम्मा था। पंजाब-हरियाणा नंबर की गाड़ियों में पांच से दस की संख्या में भरकर आ रहे ये गुर्गे जहां समर्थकों को मीडिया से दूरी बनाने के डेरे के आदेशों से अवगत करा रहे थे, वहीं फैसला आने के बाद की प्लानिंग भी समझा दी थी।
इसे देखते हुए डेरा प्रेमियों ने वीरवार रात तक पंचकूला को हिंसा में झोंकने का साजो-सामान जुटा लिया था। पुलिस को यह भी भनक नहीं लग पाई कि वीरवार को ही डेरा समर्थक महिलाओं को यह बताया जा चुका था कि पुलिस के कार्रवाई करने या जबरन उठाने पर उन्हें आगे होकर मोर्चा संभालना है, जबकि समर्थक पीछे रहेंगे। उन्हें चिल्लाते हुए सड़कों पर लेटने और हंगामा करने के भी निर्देश थे।
पंचकूला में ही नहीं हरियाणा में भी तांडव मचाने की तैयारी थी। शनिवार को प्रदेश के सभी जिलों में स्थित डेरा सच्चा सौदा से संबंधित नाम चर्चा घरों में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान नाम चर्चा घरों से हथियारों का जखीरा मिला है। इसमें हजारों की संख्या में लाठी-डंडे, धारदार हथियार और पेट्रोल बम शामिल हैं। सिरसा में डेरा सच्चा सौदा के बाहर एक एके-47 मिली है।