मंडी गोबिंदगढ़ के एक नर्सिंग होम में शनिवार की सुबह उस समय हंगामा हो गया जब एक महिला के गर्भ में बच्चे की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने महिला डाक्टर पर प्रसव केस में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए और महिला डाक्टर पर हत्या का मामला दर्ज करने की भी मांग की। यहां स्थिति खतरनाक देखकर मौके पर पहुंचे एसएचओ मंडी गोबिंदगढ़ कंवलजीत सिंह ने स्थिति पर नियंत्रण किया।
जन्म से पहले ही गर्भ में हुई बच्चे की मौत, अस्पताल में ऐसे मचा बवाल
पीड़ित महिला मंडी गोबिंदगढ़ के गांधी नगर गली नंबर-3 की निवासी और गुरजोत सिंह की पत्नी है। इस दौरान पीड़ित महिला की माता प्रीतइंद्र कौर बेदी ने बताया कि डाक्टर ने उसकी बेटी जसलीन के इलाज में कोताही बरती है। उन्होंने कहा कि डाक्टर ने पहले उन्हें डिलीवरी का समय 31 दिसंबर दिया, फिर 10 जनवरी। उसके बाद डिलीवरी की डेट 17 जनवरी दी गई।
जब उनका दर्द बढ़ा तो वह अपनी बेटी को उक्त नर्सिंग होम में ले आए जहां से डाक्टर ने दर्द बंद करने के लिए एक इंजेक्शन जसलीन को दे दिया। सुबह 11 बजे उन्होंने कहा कि जच्चा-बच्चा दोनों ठीक है। आप घर जाकर रेस्ट करें, दर्द होने पर आ जाना। 20 जनवरी को दोबारा दर्द होने पर जब वह सुबह 10 बजे वह इस नर्सिंग होम में आए तो शाम पौने सात बजे डाक्टर ने स्कैन करके जसलीन को बैड पर बोल दिया कि आपके बच्चे की मौत हो गई है। आप डिलीवरी से पहले 50 हजार रुपये दे दो। यदि पैसे नहीं देंगे तो डिलीवरी कहीं और जाकर करवा लेना।
जसलीन के पति गुरजोत सिंह ने कहा कि डाक्टर गुरप्रीत कौर की इस लापरवाही से उनके बेटे की मौत हो गई। जिस प्रकार से डाक्टर ने जसलीन से बर्ताव किया उससे जसलीन की हालत बिगड़ गई। बच्चे की मौत के बाद डाक्टर द्वारा इलाज में लापरवाही बरतने रिश्तेदारों की गई बेईज्जती करने से हम डाक्टर पर हत्या का मामला दर्ज करवाने की मांग करते हैं। डाक्टर को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
डीएसपी ने सिविल सर्जन को भेजी रिपोर्ट
इस मौके पर डीएसपी अमलोह राजेश छिब्बर ने कहा कि जो हुआ वह बुरा हुआ है। इस मामले में हमने सारी रिपोर्ट तैयार करके सिविल सर्जन फतेहगढ़ साहिब को भेज दी है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही कोई कार्रवाई होगी।