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Haryana DSP Murder: सुरेंद्र सिंह की ASI से DSP तक पहुंचने की कहानी, पहले पशुपालन विभाग में कर चुके थे सेवा

Wed, 20 Jul 2022 12:08 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 20 Jul 2022 12:08 PM IST
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Dead body of DSP Surendra Bishnoi reached Hisar of Haryana
अपनी पत्नी के साथ डीएसपी सुरेंद्र की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला

हरियाणा के नूंह में खनन माफिया ने डंपर चढ़ाकर डीएसपी सुरेंद्र बिश्नोई की मंगलवार को निर्मम हत्या कर दी थी। गुरुग्राम में पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार रात नौ बजे डीएसपी सुरेंद्र बिश्नोई का शव हिसार के नागरिक अस्पताल में लाया गया। हिसार के आईजी राकेश कुमार और एसपी लोकेंद्र कुमार नागरिक अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिवारजनों से मुलाकात कर उन्हें ढाढस बंधाया। सुरेंद्र बिश्नोई के बेटे सिद्धार्थ के कनाडा से लौटने के बाद शव का अंतिम संस्कार होगा। इसी साल फरवरी में उनकी मां मन्नी देवी और मार्च में उनके पिता उग्रसेन की मौत हुई। 24 दिन के अंतराल में माता-पिता का साया उठ गया था, तब सुरेंद्र बिश्नोई अपने पैतृक गांव सारंगपुर आए थे। 

Dead body of DSP Surendra Bishnoi reached Hisar of Haryana
अपने परिवार के साथ डीएसपी सुरेंद्र बिश्नोई। - फोटो : अमर उजाला

सुरेंद्र बिश्नोई मूलरूप से हिसार जिले के आदमपुर के गांव सारंगपुर के रहने वाले थे। वह आठ भाई हैं। दो भाइयों की पहले मौत हो चुकी है। वर्ष 1993 में वह हरियाणा पुलिस में एएसआई तौर पर भर्ती हुए थे। करीब 10 साल पहले 2012 में डीएसपी के पद पर उन्हें पदोन्नत किया गया था। परिजनों ने बताया कि 31अक्तूबर को सुरेंद्र बिश्नोई को सेवानिवृत्त होना था। सुरेंद्र की पत्नी कौशल्या गृहिणी हैं। सुरेंद्र बिश्नोई के सबसे बड़े भाई अजीत थे। उनकी 2009 में मौत हो चुकी है। 

Dead body of DSP Surendra Bishnoi reached Hisar of Haryana
अपने भाइयों के साथ शादी समारोह में शामिल डीएसपी सुरेंद्र बिश्नोई। - फोटो : अमर उजाला

दूसरे नंबर के भाई ओमप्रकाश गांव में ही खेतीबाड़ी का काम संभालते हैं। तीसरे नंबर के भाई मक्खन राजकीय महाविद्यालय हिसार से रिटायर हो चुके हैं। चौथे भाई जगदीश हाईकोर्ट में एएजी के पद से रिटायर हुए थे, उनका देहांत हो चुका है। 5वें नंबर पर सुरेंद्र बिश्नोई थे। छठे नंबर पर सुभाष राजकीय स्कूल में हेड टीचर हैं। सातवें भाई कृष्ण हिसार शहर में डेयरी चलाते हैं। आठवें सबसे छोटे भाई अशोक बिश्नोई सहकारी बैंक कुरुक्षेत्र में प्रबंधक हैं। 

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Dead body of DSP Surendra Bishnoi reached Hisar of Haryana
घटनास्थल पर जांच करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला

सुरेंद्र बिश्नोई पशुपालन विभाग में सेवा दे चुके हैं। वह यहां कलस्टर सुपरवाइजर भर्ती हुए थे। वर्ष 1993 में उन्होंने हरियाणा पुलिस के लिए आवेदन किया। जिसके बाद एएसआई के पद पर उनका चयन हुआ। उन्होंने लंबे समय तक कुरुक्षेत्र और यमुनानगर में सेवा की। सुरेंद्र बिश्नोई ने कुरुक्षेत्र में अपना मकान बनाया है। 

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Dead body of DSP Surendra Bishnoi reached Hisar of Haryana
DSP Surender Murder - फोटो : अमर उजाला

अशोक ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 8:53 बजे ही अपने बड़े भाई से बात हुई थी। इसी साल अक्तूबर महीने में उन्हें सेवानिवृत्त होना था। अशोक ने बताया कि बड़े भाई सुरेंद्र ने जल्द ही घर आने की बात कही थी। मंगलवार सुबह ही सुरेंद्र बिश्नोई की अपने बड़े भाई ओमप्रकाश से बात हुई थी। सुरेंद्र बिश्नोई ने बारिश के बारे में पूछा था। उन्होंने नरमा की खेती के बारे में भी जानकारी ली थी। 

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