युगांडा की एक महिला हेरोइन की सप्लाई करती थी। पकड़े जाने पर जब पुलिस ने तरीका देखा तो वो चौंक गए उन्हे यकीन ही नहीं हुआ कि कोई ऐसा भी कर सकता है।
दरअसल, पंजाब की काउंटर इंटेलिजेंस की टीम ने सोमवार को हेरोइन के 1.5 किलो कैप्सूल समेत युगांडा की महिला को गिरफ्तार किया है। यह नशा दिल्ली से पंजाब में सप्लाई करने के लिए लाया जा रहा था। तस्करी का सारा नेटवर्क नाभा जेल से चल रहा था। इसको नाइजीरियन और भारतीय मूल के तस्कर मिलकर चला रहे थे।
आईजी जोनल अर्पित शुक्ला ने सोमवार को प्रेसवार्ता में बताया कि काउंटर इंटेलिजेंस के एआईजी हरकंवलप्रीत सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि दिल्ली से विदेशी मूल की महिलाएं पंजाब में हेरोइन की खेप लेकर आती हैं। इसके बाद एआईजी हरकंवलप्रीत और एसएसपी जगरावां सुरजीत सिंह की टीम ने जगरांव-मोगा नेशनल हाईवे पर संयुक्त नाकेबंदी की। इस दौरान युगांडा की रहने वाली महिला रोजेटी नमूटेबी को रोक कर तलाशी ली गई। उसके पास से मरी हुईं छह मछलियां मिलीं।
शक होने पर उन्हें जब चेक किया गया तो पाया कि मछलियों के पेट चीरकर अंदर हेरोइन के कैप्सूल फिट किए हुए थे। इन कैप्सूल में 1.5 किलो हेरोइन थी। आईजी ने बताया कि युगांडा की महिला उत्तम नगर दिल्ली में किराए के मकान पर रह रही थी। वहीं पर उसके साथ रहने वाली पंजाबी मूल की युवती मनप्रीत भी इसी रैकेट का हिस्सा निकली।
जेल में मिले दो तस्कर और धंधा शुरू
पूछताछ में पता चला कि सारा ड्रग रैकेट नाभा जेल से ऑपरेट हो रहा था। उन्हाेंने बताया कि बीते साल मोहाली पुलिस ने नाइजीरियन माइकल को हेरोइन समेत गिरफ्तार किया था। वह नाभा जेल में बंद है। उसी जेल में चूरापोस्त की खेप समेत गिरफ्तार राजा सिंह राजू को भी बंद किया हुआ था। दोनों ने मिलकर दिल्ली से पंजाब में हेरोइन की सप्लाई का धंधा शुरू कर लिया। राजा ने अपने पुराने तस्कर साथी गुरजंट सिंह जंड को इस धंधे में शामिल कर लिया। एआईजी के मुताबिक युगांडा की महिला हेरोइन की खेप सप्लाई करने के लिए गुरजंट सिंह जंड के पास ही आ रही थी। उसे खेप पहुंचाने के 2-3 लाख रुपये मिलने थे।