खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की तलाश में बुधवार को भी पंजाब पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी रहा। पांचवें दिन भी उसका सुराग नहीं लगा। वहीं, अमृतपाल पंजाब पुलिस को चकमा देकर जिस बाइक से भागा था, उसे जालंधर से 45 किलोमीटर दूर दारापुर इलाके से बरामद कर लिया गया। यह लावारिस हालत में खड़ी मिली। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। उधर, अमृतपाल के करीबियों की धड़पकड़ जारी है। लुधियाना में उसके चार और साथियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें हनी सिंगला, गुरनाम सिंह, सिमरनप्रीत सिंह और हरप्रीत सिंह शामिल हैं।
वारिस पंजाब दे पर प्रतिबंध की तैयारी: अमृतपाल की बाइक बरामद, भगाने में इस शख्स का दिमाग, जानिए पूरा अपडेट
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अमृतपाल के माता-पिता से डेढ़ घंटे पूछताछ
पंजाब पुलिस की टीम बुधवार करीब डेढ़ बजे अमृतपाल के गांव जल्लूपुर खेड़ा पहुंची और उसके माता-पिता से पूछताछ की। एसपी परमिंदर कौर ने बताया कि दोनों से करीब डेढ़ घंटे तक अमृतपाल के ठिकानों के बारे में पूछताछ की, लेकिन उन्होंने बेटे के बारे में किसी भी जानकारी से इन्कार किया। सूत्रों ने जानकारी दी है कि पुलिस ने उन पर दबाव बनाया कि वह अपने बेटे को आत्मसमर्पण करने के लिए कहें। पुलिस की एक टीम लगातार अमृतपाल के घर के बाहर पहरा दे रही है।
घर में लगे वाइफाइ सिस्टम से परिवार के संपर्क में था अमृतपाल
अमृतपाल सिंह अपने घर में लगे वाइफाइ सिस्टम के जरिए ही परिवार के संपर्क में था। डीएसपी हरकृष्ण सिंह और डीएसपी परविंदर कौर ने घर की जांच की और वाइफाइ सिस्टम को जब्त कर लिया। पुलिस ने बंगलूरू की एक कंपनी से संपर्क कर पिछले छह महीने का डाटा रिकवर करने का आग्रह किया है। पुलिस को संदेह है कि अमृतपाल वाइफाइस सिस्टम के जरिए ही अपने परिवार के साथ लगातार संपर्क में है। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि वह इसके जरिये किन-किन देशों में बातचीत करता था।
अमृतपाल को भगाने में पापलप्रीत का दिमाग, अमृतपाल को बाइक पर बैठाकर ले गया था
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अमृतपाल सिंह को भगाने के पीछे 38 वर्षीय पापलप्रीत सिंह का दिमाग था। पापलप्रीत अमृतपाल सिंह का गुरु माना जाता है। मंगलवार को जारी सीसीटीवी फुटेज में जिस बाइक पर अमृतपाल बैठा दिख रहा है, उसे पापलप्रीत ही चला रहा था। वह आईएएसआई का करीबी रहा है। खालिस्तान संबंधी गतिविधियों को चलाने के लिए वह आईएसएआई से निर्देश भी लेता रहा है। पापलप्रीत की सलाह पर ही अमृतपाल ने एक कट्टरपंथी सिख उपदेशक से एक साधारण व्यक्ति के रूप में अपना वेश बदल लिया।
यह जानकारी उन चार लोगों ने दी, जिन्हें पंजाब पुलिस ने मंगलवार को पकड़ा था। इन युवकों ने अमृतपाल को ब्रेजा गाड़ी से भगाने में मदद की थी। पुलिस के मुताबिक पापलप्रीत ने मनप्रीत सिंह और गुरदीप सिंह की मदद से अमृतपाल को जालंधर के नंगल अंबियन गांव के एक गुरुद्वारे में ले गया था, जहां उसने कपड़े और हुलिए को बदला। पापलप्रीत पर हत्या के प्रयास सहित कुछ आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। पुलिस ने पापलप्रीत की तस्वीरें पूरे पंजाब और पड़ोसी राज्यों में प्रसारित कर दी हैं।