एक शख्स ने पत्नी के प्यार में ऐसा काम कर दिया, देखकर परिजनों और पुलिस वालों के होश ही उड़ गए। मामले की जानकारी पुलिस को भी दी गई, अब पुलिस इस पड़ताल में जुटी है कि शख्स ने वो क्यों किया और पत्नी की इसमें क्या भूमिका है।
हुआ यूं, केंद्रीय भंडारगृह लाडवा में कार्यरत एक तकनीकी सहायक ने ब्लेड से अपने दोनों हाथों की नसें काट कर आत्महत्या कर ली। वीरवार सुबह दस बजे के करीब मकान मालिक ने खिड़की से झांककर तकनीकी सहायक धर्मेंद्र सिंह सोलंकी का शव कमरे में पलंग पर पड़े देखा। मृतक लाडवा में रेड रोड पर ज्वाला जी मंदिर के सामने एक मकान में किरायेदार था। वह मूलरूप से उत्तर प्रदेश के आगरा के गांव अंगूठी, तहसील बिचपड़ी का रहने वाला था।
आत्महत्या के कारण का कोई खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्ट्म के लिए कुरुक्षेत्र सरकारी अस्पताल में भेज दिया है और मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार मृतक धर्मेंद्र सिंह सोलंकी लाडवा के केंद्रीय भंडारगृह में चार साल से बतौर तकनीकि सहायक कार्यरत था और लाडवा के रेड रोड पर एक मकान की दूसरी मंजिल पर किराये पर रहता था।
बुधवार को वह रोज की तरह ही शाम 6 बजे ड्यूटी से कमरे पर आया था। वीरवार सुबह उसके गांव से परिजनों ने उससे मोबाइल पर संपर्क करना चाहा, लेकिन मोबाइल न उठाए जाने पर उन्होंने केंद्रीय भंडारगृह के प्रबंधक आरएस सैनी को फोन करके धर्मेंद्र का पता लगाने के लिए आग्रह किया। मकान मालिक ने अपने मकान की दूसरी मंजिल पर धर्मेंद्र के कमरे की खिड़की से देखा तो वह खून से लथपथ पलंग पर पड़ा था।
यह देखकर मकान मालिक के होश उड़ गए। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। वहीं केंद्रीय भंडारगृह से भी एक कर्मचारी धर्मेंद्र का पता लेने की उसके कमरे पर पहुंचा तो मकान मालिक ने उसे स्थिति से अवगत कराया। सूचना मिलने पर लाडवा थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पंहुचे। पुलिस टीम कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई तो कमरे में फर्श और पलंग पर खून ही खून पड़ा था। मृतक को पलंग पर खून से लथपथ सीधे लेटे पाया।