सुक्खा काहलवां की सरेआम फगवाड़ा के पास पुलिस कस्टडी में फिल्मी स्टाइल में गोलियां मारकर कत्ल करने के बाद पहली बार विक्की गौंडर, कुलप्रीत सिंह नीटा, प्रेमा लहौरिया और गुरप्रीत सिंह सेखों का नाम चर्चा में आया था। पुलिस के लिए सिरदर्द बना चुका गौंडर गैंग का नेटवर्क देश के हर कोने से लेकर दुबई तक है। गौंडर गैंग पहले शेरा खुब्बन गिरोह का हिस्सा होता था। इस गिरोह से निकलकर मालवा के चार गैंगस्टर्स ने अपना टोला अलग तैयार कर लिया था।
जेल ब्रेक : फिल्मी स्टाइल में कत्ल कर चर्चा में आया था गौंडर, जानिए जुर्म की पूरी कहानी
इसके लिए गैंगस्टर्स ने दुबई से कुलप्रीत सिंह उर्फ नीटा दियोल से संपर्क साधकर उसको भारत बुलाया। गैंगस्टर गुरप्रीत सेखों 22 दिसंबर 2014 को बठिंडा जेल से जमानत पर बाहर आया। 17 जनवरी 2015 को अबोहर का गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई खरड़ से पुलिस हिरासत से फरार हुआ और 20 जनवरी 2015 को मोगा से शूटर दविंदर बंबीहा को पेशी के दौरान इन सभी ने भगाया। इनके अलावा गाजियाबाद में छिपे शूटर रमनदीप रम्मी मछाना को भी बुलाया गया।
सभी को इकट्ठा करने का काम मलोट के सरावा बोदला गांव निवासी हरजिंदर सिंह उर्फ विक्की गौंडर, जयपाल निवासी फिरोजपुर, तीर्थ ढिलवां निवासी फरीदकोट और गुरप्रीत सेखों निवासी मुदकी ने किया। इसके बाद एक खतरनाक गैंग तैयार कर लिया। इस गिरोह के सभी सदस्य विदेशी हथियारों के स्मगलर रणजीत सिंह डुप्ला के संपर्क में थे, जो पहले से ही इन गिरोह को हथियार मुहैया करवाता रहा है। उसने इस गिरोह को आधुनिक हथियारों की सप्लाई देकर इनका हौसला बढ़ा दिया। जालंधर के प्रेमा लहौरिया की सुक्खा काहलवां के साथ खून की जंग चल रही थी और मालवा के गैंग को दोआबा में अपना वर्चस्व कायम करना था। प्रेमा और गौंडर गैंग ने आपस में जफ्फी डाल ली।
20 जनवरी को जब पुलिस की एक टीम सुक्खा काहलवां को अदालत में पेश कर नाभा जेल ले जा रही थी तो अमृतसर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर फगवाड़ा के पास गौंडर की टीम ने छह पुलिस मुलाजिमों की मौजूदगी में सुक्खा पर गोलियों की बौछार कर दी। बाद में भंगड़ा डालकर सेल्फी भी ली। इसके बाद गौंडर, जयपाल, सेखों का नाम सामने आया तो पुलिस के होश उड़ गए, क्योंकि इस गैंग की जड़े काफी मजबूत हो चुकी थीं। गैंग के सदस्य आईटी से लेकर ऐप और सोशल मीडिया के माहिर हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पवित्र सिंह उर्फ फोगा व कर्मजीत सिंह उर्फ साब की ओर से गौंडर और गैंगस्टर प्रेमा लहौरिया को सुक्खा की हत्या करने के बाद फगवाड़ा के गांव जमालपुर से वाया गांव गौहावर का रास्ता ले भागने का पूरा रूट प्लान बाकायदा गूगल मैप के मार्फत लैपटॉप का प्रयोग कर बनाकर दिया था।
विक्की गौंडर ने गहन जांच की थी और प्लान को ओके किया था। यह उसी जबरदस्त प्लानिंग का परिणाम रहा है कि 21 जनवरी को दिनदहाड़े फगवाड़ा के गांव जमालपुर के पास काहलवां की हत्या करने के बाद आरोपी हत्यारे बेखौफ ढंग से नाभा जेल की पुलिस टीम के सामने फरार होने में कामयाब रहे थे। विक्की गौंडर तो पुलिस के हत्थे चढ़ गया था, जबकि गिरोह का प्रेमा लहौरिया अभी तक फरार है। गौंडर व उसके साथी अब पुलिस पर दोबारा भारी पड़े हैं और जेल से फिल्मी स्टाइल से सरेआम निकल भागे हैं।